गठबंधन बीजेपी से नहीं तो क्या आर्टिकल 370 के खात्मे की विरोधी कांग्रेस से करते

शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे ने कहा है कि क्या शिवसेना को बीजेपी की बजाय कांग्रेस का समर्थन करना चाहिए था, जिसने आर्टिकल 370 को हटाने और राजद्रोह कानून का विरोध किया है। इस मौके पर उन्‍होंने इशारों ही इशारों में बीजेपी को भी नसीहत दे दी। उन्होंने कहा कि शिवसेना को धोखा देने की हिम्मत कभी ना करें। ठाकरे मंगलवार शाम को शिवसेना की परंपरागत वार्षिक दशहरा रैली को संबोधित कर रहे थे। उद्धव ठाकरे ने राम मंदिर का जिक्र करते हुए कहा, 'सरकार के अगले अजेंडे में अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण और समान नागरिक संहिता को लाना होना चाहिए।' उद्धव ठाकरे ने राम मंदिर निर्माण के लिए विशेष कानून लाने की भी मांग की। उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी को नहीं तो क्या हमें कांग्रेस का समर्थन करना चाहिए था? जिसने जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 को रद्द करने और राजद्रोह कानून का विरोध किया है।

एसपी-बीएसपी नहीं है बीजेपी-शिवेसना का गठबंधन'
पार्टी चीफ उद्धव ठाकरे ने कहा, 'बीजेपी-शिवसेना गठबंधन वास्तविक है। यह उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (एसपी) और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के गठजोड़ की तरह नहीं है, जो सिर्फ सत्ता के लालच पर आधारित था इसलिए लोगों ने उन्हें खारिज कर दिया।' महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले उद्धव ने कहा कि शिवसैनिकों को धोखा देने की कभी हिम्मत न करें। उनका इशारा बीजेपी की तरफ था। धनगर जाति को आरक्षण का जिक्र करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना धनगर जाति को आरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि हम भारत से प्रेम करने वाले मुस्लिमों के अधिकारों के लिए लड़ेंगे।

370 पर शाह की प्रशंसा
उद्धव ठाकरे ने आर्टिकल 370 को समाप्त करने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री और बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह की प्रशंसा की। उद्धव ने अमित शाह को एक ऐसा व्यक्ति करार दिया, जो अपने वादों को पूरा करते हैं। उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘अमितभाई जो कहते हैं, उसे करते हैं। आर्टिकल 370 समाप्त होने से बालासाहेब ठाकरे का सपना पूरा हुआ है। अब हम समान नागरिक संहिता चाहते हैं।

'
महाराष्ट्र के हित में कम सीटों पर समझौता किया'
इससे पहले 'सामना' को दिए एक इंटरव्यू में उद्धव ठाकरे ने गठबंधन में कम सीटें मिलने के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। ठाकरे ने कहा, 'हमने पिछले पांच साल में कभी सरकार को अस्थिर करने की कोशिश नहीं की। गठबंधन में दोनों पार्टियों को ध्यान रखना चाहिए। बेवजह स्पीड बढ़ाने से ऐक्सिडेंट हो सकता है। मैंने महाराष्ट्र के हित में समझौता किया। मुझे पूरा भरोसा है कि हम अगले पांच साल के लिए राज्य को बेहतर प्रशासन और सरकार दे पाएंगे।'

रिपोर्टर

संबंधित पोस्ट