पीएचसी में बायोमीट्रिक मशीन से मरीजों का रजिस्ट्रेशन

गाजियाबाद। निजी अस्पतालों की तर्ज पर अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी मरीजों का ई-रजिस्ट्रेशन होगा। इसके लिए शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) को ई-पीएचसी में तब्दील किया जा रहा है। महानगर में कुल 50 पीएचसी हैं। पहले चरण में 20 पीएचसी को ई-पीएचसी में तब्दील करने का काम लगभग पूरा हो चुका है। सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता ने बताया कि हर पीएचसी में 4 कंप्यूटर लगाए गए हैं। इसके अलावा सभी केंद्रों में बायोमीट्रिक मशीनें भी लगाई जा रही हैं। 5 सेंटरों में बायोमीट्रिक मशीनें लग भी चुकी हैं। इसके बाद मरीजों के ई-रजिस्ट्रेशन का काम शुरू हो जाएगा। ई-रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था लागू होने के बाद एक बार जो मरीज रजिस्ट्रेशन करा चुका होगा, उसे अगली बार अस्पताल जाने पर केवल मोबाइल नंबर बताना होगा। बायोमीट्रिक मशीन का यह फायदा होगा कि पीएचसी में मरीज खुद ही अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेगा। यानी कोई फर्जी रजिस्ट्रेशन नहीं किया जा सकेगा। उम्मीद है कि दिवाली के बाद ई-पीएचसी में काम शुरू हो जाएगा।
ई-पीएचएसी में किया तब्दील
इसके शुरू होने से दवाइयों की कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सकेगी। सीएमओ ने बताया कि शासन स्तर से स्वास्थ्य विभाग को हाईटेक करने की कवायद में जिले की 20 अर्बन पीएचसी को ई-पीएचसी बनाए जाने का कार्य बीते 2 माह से चल रहा है। बिजली से लेकर फर्नीचर तक का कार्य किया गया। सभी पीएचसी पर कंप्यूटर लगाने का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
सरकार को भी होगी जानकारी
इसके अलावा मरीजों और उन्हें दिए गए उपचार का डाटा फीड होने से सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं की पूरी जानकारी रहेगी। सीएमओ ने बताया एक कंप्यूटर चिकित्सक के पास, दूसरा कंप्यूटर फार्मासिस्ट और तीसरा डाटा ऑपरेटर के लिए रहेगा, जबकि एक कंप्यूटर से पीएचसी में आने वाले मरीजों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा।

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