सर्जिकल स्ट्राइक के दिन पाकिस्तान गया सैनिक अब जंतर-मंतर पर करेगा आमरण अनशन

पुणे। भारतीय सेना ने 2016 में सरहद पार कर पाकिस्तान के आतंकवादी अड्डों को नेस्तनाबूद कर दिया था. इस सर्जिकल स्ट्राइक,  भारतीय सेना के शौर्य का जिक्र स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी गाहे-बगाहे करते रहते हैं. उसी दिन 29 सितंबर की सुबह सेना का एक जवान चंदू चौहान किसी अधिकारी के बगैर आदेश के सरहद पार कर पाकिस्तान चला गया था. तीन महीने 21 दिन पाकिस्तान की जेल में टॉर्चर झेलने के बाद कूटनीतिक प्रयासों से 21 जनवरी 2017 को चंदू पाक जेल से रिहा होकर भारत आया. तब पूरा देश चंदू की सही सलामत वापसी के लिए दुआएं कर रहा था. अब उसी चंदू ने जंतर-मंतर पर आमरण अनशन करने का ऐलान किया है. चंदू ने मंगलवार को अनशन के संबंध में जानकारी दी और कहा कि यह अनशन दो नवंबर से शुरू होगा. आज तक से बात करते हुए चंदू ने कहा कि जब से वह पाकिस्तान की जेल से लौटा है, तब से उसे शक की नजर से देखा जाता है. उसे प्रताड़ित किया जा रहा है.
तीन माह से नहीं मिला वेतन
चंदू ने बताया कि उसे पाक से लौटने पर कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का सामना करना पड़ा. सेना की जेल में 90 दिन की सजा काटनी पड़ी. उन्होंने बताया कि अहमदनगर में पोस्टिंग दी गई है, लेकिन पिछले तीन महीने से उसे वेतन नहीं मिला है. चंदू ने अपना मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए जाने का आरोप लगाया और कहा कि यहां तक की उसका पहचान पत्र भी जब्त कर लिया गया है.
कार्रवाई होने तक करेंगे आमरण अनशन
चंदू ने मांग की है कि सरकार हस्तक्षेप कर उसे न्याय दिलाए. जो अधिकारी उसे प्रताड़ित कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि जब तक सरकार कोई कदम नहीं उठाती, तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा. चंदू ने इस संबंध में लिखित सूचना धुले के जिलाधिकारी को दे देने की जानकारी दी.

रिपोर्टर

संबंधित पोस्ट