PAK की नापाक साजिश जिले में चल रहीं संदिग्ध गतिविधियां

चंड़ीगण। सिखों के गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर पाकिस्तान स्थित करतारपुर साहिब गुरुद्वारे में बड़े कार्यक्रम की तैयारी हो रही है. 9 नवंबर को पाकिस्तान-भारत के बीच करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन होगा, लेकिन कॉरिडोर खोलने की पहल और फिर जल्दबादी करने के पीछे पाकिस्तान के गंदे खेल का मंसूबा सामने आया है.  सुरक्षा एजेंसियों की एक हालिया मीटिंग में सामने आया है कि पाकिस्तान के नरोवाल जिले में कुछ संदिग्ध गतिविधियां चलाई जा रही हैं. यहां पर कुछ संदिग्ध स्त्री-पुरुष देखे गए हैं.  

आपको बता दें कि करतारपुर साहिब पाकिस्तानी पंजाब के नरोवाल जिले में ही स्थित है. एजेंसियों को शक है कि पाकिस्तान में बैठे खुराफाती लोग अब नरोवाल को अपना नया अड्डा बना सकते हैं ताकि भारतीय पंजाब में घुसपैठ की जा सके.
नरोवाल में भारतीय एजेंसियों की कड़ी नज़र
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि ISI और खालिस्तानी समर्थक गुरुद्वारे के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को बरगलाने की कोशिश कर सकते हैं. भारत में सुरक्षा एजेंसियां नरोवाल पर खासकर तब से भी कड़ी नजर रख रही हैं जब से पाकिस्तान के पूर्व आर्मी चीफ जनरल असलम बेग ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि पाकिस्तान करतारपुर कॉरिडोर के जरिए भारत में जेहादी भेजेगा.
कांग्रेस ने खड़े किए सवाल
उधर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने ताजा बयान में फिर से कहा है कि ISI करतारपुर कॉरिडोर के जरिए भारत विरोधी गतिविधियां चला सकती है. उनके अलावा पंजाब कांग्रेस प्रमुख सुनील जाखड़ ने भी ऐसा शक जाहिर किया है. लेकिन कांग्रेस से उलट अकाली दल सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट पर आंखें मूंदे हुए है. अकाली दल के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता डॉ दलजीत सिंह चीमा के मुताबिक 'यह समय ऐसी बातें करने का नहीं है, हालांकि डॉ. सीमा को भरोसा है कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही सजग हैं.उधर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के समक्ष पाकिस्तान जाने वाले श्रद्धालुओं और उनकी उसी गिनती में लौटने और उनको वापिस घर भेजने की भी बड़ी चुनौती है. इससे पहले कई बार देखा गया है कि पाकिस्तान जाने वाले कई कथित श्रद्धालु वापस लौट कर नहीं आए। श्रद्धालुओं की वापसी के अलावा सुरक्षा एजेंसियों के समक्ष दूसरी बड़ी चुनौती कॉरिडोर के रास्ते संदिग्ध पाकिस्तानियों की घुसपैठ रोकने की भी होगी.
सूत्रों के मुताबिक श्रद्धालुओं के वेश में कोई संदिग्ध पाकिस्तानी नकली दस्तावेज दिखाकर भारत में दाखिल ना हो पाए इसके लिए श्रद्धालुओं के आने-जाने पर कई बार दस्तावेजों की जांच होगी.

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