अनुराग गर्ग व सुरेश बिजलानी एक मामले में बरी

नवी मुंबई

वर्ष 2013 में नवी मुंबई के भवन निमार्ता सुनील लोहारिया हत्याकांड में आरोपी बनाये गए सुरेश बिजलानी तथा आर्किटेक्ट अनुराग गर्ग पर संदीप लोहारिया द्वारा सुपारी देकर जान से मरवाने के  लगाए गए आरोप से ठाणे शेषन कोर्ट ने बरी कर दिया है। इस बारे में जानकारी देते हुए उक्त दोनों के वकील गौरीश कदम ने बताया कि संदीप लोहारिया को सुपारी देकर जाने से मरवाने का कोई साक्ष्य नहीं मिले जिसके बाद अदालत ने दोनों को इस मामले से बरी कर दिया। सुपारी देकर जान से मारवाने की शिकायत  जांच ठाणे अपराध शाखा द्वारा की जा रही थी। 
वकील गौरीश कदम ने बताया कि उनके क्लाइंट के खिलाफ सुनील लोहारिया के बेटे संदीप लोहारिया ने 30 मार्च 2014 को आरोप लगाते हुए ठाणे अपराध शाखा में शिकायत दर्ज करायी थी कि सुरेश बिजलानी तथा अनुराग गर्ग के इशारे पर कुछ लोग उन्हें सुपारी देकर जान से मरवाने का प्रयास कर रहें हैं  जिसके बाद ठाणे अपराध शाखा ने भारतीय दंड संहिता 120 (बी) तथा 115 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। एडवोकेट कदम ने बताया कि इस मामले की सुनवाई के दौरान ठाणे अपराध शाखा को कोई ठोस सबूत नहीं मिले जिससे चलते यह साबित हो पाता कि इन लोगों ने सुपारी देकर संदीप लोहारिया की हत्या करवाना चाहते हैं , जिसकी वजह से अदालत ने इन आरोपों से बरी कर दिया। उल्लेखनीय है कि सुनील लोहारिया हत्याकांड का निर्णय जल्द आये इसके लिए ठाणे सेसन कोर्ट में प्रतिदिन सुनवाई की जा रही है। एडवोकेट कदम द्वारा जारी की गयी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अब इन दोनों आरोपियों पर सिर्फ वाशी प्रकरण का ही मामला चलेगा और प्रकरण का निर्णय भी जल्द ही आ जायेगा।


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