वकील एवं प्रांताधिकारी के बीच संघर्ष

नवी मुंबई

देश की राजधानी दिल्ली में कुछ दिन पहले खाकी वर्दी और काली कोट के बीच हुई जंग जैसी हालात इस समय पनवेल में भी देखने को मिल रहा है। पनवेल में वकील एवं प्रांताधिकारी के बीच संघर्ष शुरू है। पनवेल के प्रांताधिकारी दत्तात्रय नवले के कार्यभार से नाराज अधिवक्ताओं ने पहली बार पनवेल तालुका में अधिकारी के खिलाफ मोर्चा निकालकर विरोध प्रकट किया है। जबकि अधिकारी यह मानते हैं कि ब्यक्तिगत रूप से लगाए गए आरोप में कोई तत्थ नही है।
 ज्ञात हो कि सबसे अधिक पनवेल तहसील उसके बाद प्रांताधिकारी के पास राजस्व मामले का दावा चलता है। यहां वादी व प्रतिवादी के सामने बहस होती है। तहसील कार्यालय में संतोषजनक परिणाम नही आने पर प्रांताधिकारी के पास अपील की जाती है। जहां मामले की सुनवाई करते हुए फैसला दिया जाता है। एक तरह से यहां अदालती कार्रवाई होती है। प्रांतीय अधिकारी (न्याय दंडाधिकारी) के पास कई राजस्व मामलों के मुकदमे चलते हैं। पनवेल तालुका वकील एसोसिएशन ने पनवेल प्रांताधिकारी दत्तात्रय नवले के कामकाज पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मोर्चा खोल दिया है। पनवेल बार एसोसिएशन के वकील संतोष लाड को उप-विभागीय अधिकारियों की तरफ से एक नोटिस भेजा गया था। नोटिस को जिलाधिकारी ने रद्द भी कर दिया था। बार एसोसिएशन में बतौर सदस्य संतोष लाड ने पनवेल बार एसोसिएशन के पास इस मामले की शिकायत की, और नवले अदालत की मयार्दा को पार करते हुए मनमानी कार्यभार एवं सभी अधिवक्ताओं को अपमानित किए जाने का आरोप लगाते हुए बार एसोसिएशन ने पहली बार प्रांताधिकारी एवं अधिकारी के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है। इस बारे में उपविभागीय अधिकारी दत्तू नवले ने सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि यह आरोप बेबुनियाद है। उन्होंने कहा कि कार्यालय में बैठने के बाद मुझे जो अधिकार प्राप्त है, उस अधिकार के तहत शिकायतकर्ता को उचित न्याय देना मेरा कर्तब्य है और मैं वही करता हूं। नवले का कहना है कि अगर व्यक्तिगत रूप से कोई आरोप लगाता है तो इसमें कोई तथ्य नहीं है।

रिपोर्टर

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