नियम - कानून को ताक पर रख धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण


दांव पर भोलेभाले की खून - पसीने की कमाई
शासन-प्रशासन के संरक्षण में भूमाफिया काट रहे चांदी

विरार
अवैध निमार्णों के हब में तब्दील हो चुकी वसई-विरार शहर महानगरापलिका के अंतर्गत आने वाले कई क्षेत्रों में पिछले कई सालों से अवैध निर्माण का काम चरम पर है। यहां के भूमाफिया मनपा और राज्य सरकार के तमाम नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए स्थानीय शासन - प्रशासन के संरक्षण में  धड़ल्ले से निर्माण कार्य कर करोड़ों की मलाई खा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार विरार पूर्व के सहकार नगर, मथुरा डेयरी के पीछे फूलपाड़ा में चल रहे अवैध निर्माण कार्य सवालों के घेरे में है।  गौरतलब है कि यहां चार्जर कंपनी का रास्ता रोककर सरेआम अवैध निर्माण का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक इसका सर्वे नंबर 70/4/ 2/6 है।

कानून को ठेंगा दिखाते भूमाफिया
सभी नियम-कानूनों को ताक पर रखकर भूमाफिया गुड्डू राजवीर सिंह तथा विक्की चौधरी द्वारा यह अवैध निर्माण कार्य किया जा रहा है। वसई-विरार के कुख्यात भूमाफिया गुड्डू राजवीर सिंह और विक्की चौधरी की इन इलाकों में तूती बोलती है। वसई विरार महानगरपालिका के कृपा पात्र गुड्डू राजवीर सिंह और विक्की चौधरी के लिए इस तरह का अवैध निर्माण करना कोई मुश्किल काम नहीं है। इस तरह के और भी अवैध निर्माण कार्य वसई विरार में सरेआम चलते रहते हैं। ऐसा भी नहीं है कि इनके अवैध निर्माण पर कभी कार्रवाई ही नहीं होती।
 जब कभी स्थानीय लोगों को वसई-विरार शहर महागरपालिका के अधिकारियों पर दबाब बढ़ने लगता है तो वे कुंभकर्णी नींद से जागने को मजबूर हो जाते हैं और फिर कार्रवाई जरुर करते हैं। 

  आखिर इनपर कार्रवाई से क्यों कतराती है वीवीसीएमसी
 सवाल यह है कि क्या इन भूमाफियाओं  और इनके निर्माण के खिलाफ मनपा और संबंधित विभाग कार्रवाई करेगा या इनका यह कारोबार यूं ही अबाध रुप से चलता रहेगा तथा इनके जाल में मुंबई में अदद एक आशियाना बनाने का सपना देख रहे भोलेभाले लोग फंसकर अपनी जिंदगी भर के खून-पसीने की कमाई यूं ही लुटाते रहेंगे? अब यहां सवाल उठता है कि आखिर वीवीसीएमसी इन माफियाओं पर कार्रवाई से क्यों कतरा रही है। अगर कभी इनके अवैध निर्माण कार्य पर कार्रवाई होती है तो इनपर आपराधिक मुकदमा दर्ज होगा ?
मनपा अधिकारियों से है सांठगांठ
गुड्डू रावीर सिंह और विकी चौधरी का नाम शातिर भूमाफियाओं में शुमार होता है और इनकी मनपा अधिकारियों से ऐसी सांठगांठ है कि तमाम विरोध और शिकायतों के बावजूद अवैध निर्माण का इनका कारोबार अबाध गति से जारी रहता है। बात सिर्फ अवैध निर्माण की नहीं है, बल्कि इनके अवैध निर्माण के मायाजाल में भोलेभाले लोगों के फंसने की भी है। ये जहां इस तरह के अवैध निर्माण कर करोड़ों की काली कमाई कर रहे हैं, वहीं भोलेभाले मध्य वर्गीय और गरीब लोगों को फंसाकर उनके खून-पसीने की कमाई को भी इस अवैध निर्माण में फंसाकर उनके जीवन को नारकीय बना रहे हैं। इन भूमाफियाओं का खौफ इतना है कि एक बार इनके झांसे में आकर सिर ढंकने के लिए छत की जुगाड़ में अपनी गाढ़ी कमाई से घर खरीदने वाले, यदि उनके घर पर तोड़क कार्रवाई होती है, तो अपना आशियाना छीन जाने के बाद इनकी शिकायत करने का साहस भी ठगी का शिकार हुआ भुक्तभोगी नहीं जुर्रत नहीं कर पाता। सूत्र बताते हैं कि इन भूमाफियाओं के पास विरार पूर्व के फूलपाड़ा स्थित सर्वे नंबर 70/4/ 2/6  में निर्माण करने के लिए कोई भी जरुरी कागजात नहीं है और न ही मनपा ने मंजूरी दी है। इसके बावजूद इनके धड़ल्ले से चल रहे निर्माण कार्य को देखकर ऐसा लगता है कि इन दबंगों के लिए कोई नियम-कानून नहीं है और ये जहां चाहें वहां खाली पड़े भूखंड़ पर इसी तरह अवैध निर्माण कर मनपा प्रशासन और सरकारी तंत्र को चुनौती दे सकते हैं।
कार्रवाई के नाम पर दिखावा
सूत्र बताते हैं कि ये कार्रवाई मात्र ऊपरी तौर पर दिखावे के लिए किया जाता है और चंद दिनों में ही तोड़ी गई जगह पर फिर से निर्माण कर दिए जाते हैं। मनपा अधिकारियों के साथ इनकी मिलीभगत के कारण यहां इस तरह का अवैध निर्माण अबाध गति से चलता रहता है।
  

भूमाफिया गुड्डू राजवीर सिंह और विक्की चौधरी पर होगी कार्रवाई?


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