सप्ताह में एक हजार रुपए का पानी पीते हैं दिवा के नागरिक

ठाणे
 ठाणे शहर के करीब स्थित दिवा-शिल परिसर में सालों से पानी की विकट समस्या रही है। दशकों बाद भी यहां की पानी समस्या का निदान मनपा प्रशासन नहीं कर पाया। जबकि पानी समस्या को लेकर आए दिन कोई न कोई राजनीति दल विरोध आंदोलन करते ही रहे हैं। इसी क्रम में दिवा-शिल भाजपा महासचिव रोहिदास मुंडे ने दिवा प्रभाग समिति कार्यालय के सामने विरोध आंदोलन कर प्रशासन को आगाह किया है कि जल्द पानी समस्या का निदान किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नियमित तौर पर पानी आपूर्ति नहीं होने के कारण नागरिकों को हर सप्ताह एक हजार रुपए का पानी खरीद कर पीना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि नागरिकों को रोजाना कम से कम 90 लीटर पानी उपलब्ध कराया जाए। मुंडे ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो दिवा के लोग वॉटर टैक्स नहीं भरेंगे। दिवा की आबादी इस समय पांच लाख के करीब पहुंच चुकी है। आबादी तो बढ़ रही है, लेकिन पानी आपूर्ति में किसी तरह की बढोतरी नहीं हो रही है। लोगों को सप्ताह में दो दिन ही पानी मिल पाता है। इस स्थिति में लोगों को टैंकर के पानी पर निर्भर रहना पड़ता है। यहां रहनेवाले परिवारों  को सप्ताह में एक हजार रुपए का टैंकर का पानी खरीदना पड़ रहा है। इन बातों  का जिक्र करते हुए रोहिदास मुंडे ने कहा कि लोगों को रोजाना 135 लीटर पानी प्रति व्यक्ति दिया जाना चाहिए। लेकिन दशकों से इस पर पालन प्रशासन नहीं कर रहा है।
दिवा में रहनेवाले परिवारों को हर महीने नियमित तौर पर पानी का बिल भेजा रहा है। लेकिन स्थिति ऐसी है कि नागरिकों को सप्ताह में दो दिन ही पानी मिल पाता है। चार-चार दिनों तक पानी आपूर्ति बाधित रहती है। लोग पीने के पानी को लेकर परेशान रहते हैं। इस स्थिति के बाद भी मनपा प्रशासन मामले के प्रति उदासीन है। मुंडे ने प्रशासन से सवाल किया है कि  दिवा को ऐसी स्थिति से मुक्ति कब मिलेगी? दिवा प्रभाग समिति कार्यालय पर पानी को लेकर भाजपा द्वारा विरोध आंदोलन किया गया। दिवा में जल वितरण व्यवस्था सुचारू नहीं होने के कारण  टैंकरवालों की चांदी है।

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