संचार तकनीक के जरिए फैल रही अश्लीलता

राज्यसभा सभापति वेंकैया नायडू ने अश्लीलता के प्रसार को रोकने के लिए सांसदों की एक समिति से कारगर सुझाव देने के निर्देश देकर एक बार फिर एक गंभीर समस्या की ओर देश का ध्यान आकर्षित किया। संचार तकनीक और खासकर मोबाइल फोन के जरिये अश्लीलता का जैसा प्रसार हो रहा है वह केवल संसद ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए भी गहन चिंता का विषय बनना चाहिए। इससे कोई इन्कार नहीं कर सकता कि संचार तकनीक के जरिये फैल रही अश्लीलता ने एक गंभीर सामाजिक समस्या का रूप ले लिया है।  यौन अपराध की बढ़ती घटनाओं के पीछे एक बड़ी वजह मोबाइल फोन पर अश्लील सामग्री सहज सुलभ होना है। चूंकि इंटरनेट पर आसानी से रोक-टोक संभव नहीं है इसलिए बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री भी मोबाइल फोन का हिस्सा बन रही है। हालांकि चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर रोक न लग पाने पर पहले भी विभिन्न स्तरों पर चिंता जताई जा चुकी है, लेकिन उससे कुछ हासिल नहीं हुआ। अभी तक करीब चार सौ वेबसाइट्स प्रतिबंधित की गई हैैं और कुछ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसमें संदेह है कि इससे बात बनने वाली है।  आज जब हैदराबाद में एक महिला पशु चिकित्सक की दुष्कर्म के बाद हत्या की खौफनाक घटना पर देश भर में आक्रोश व्यक्त किया जा रहा है तब इसकी अनदेखी नहीं की जानी चाहिए कि ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैैं। इसका मतलब है कि यह धारणा सही नहीं साबित हुई कि यौन अपराध निरोधक कानून कठोर कर देने भर से दुष्कर्म की घटनाओं पर लगाम लगाई जा सकती है। महिलाओं और यहां तक कि बच्चियों के साथ दुष्कर्म की तमाम घटनाओं में यह सामने आया है कि अपराधी तत्व मोबाइल पर अश्लील वीडियो देखने के आदी थे। कई मामलों में यह भी सामने आया कि अपराधियों ने दुष्कर्म की घटना का वीडियो बना लिया। कुछ मामलों में तो घटना की जानकारी ही तब हुई जब ऐसे वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिए गए। आखिर कोई यह क्यों नहीं समझ पा रहा कि सस्ता मोबाइल डाटा अश्लीलता और अपराध का जरिया बन रहा है? अगर यह माना जा रहा है कि सस्ता मोबाइल डाटा ज्ञान के प्रसार में सहायक हो रहा है तो यह एक खुशफहमी ही है। टेलीकॉम कंपनियों की ओर से सस्ती दर पर उपलब्ध कराए जाने वाले डाटा का 80 प्रतिशत इस्तेमाल मनोरंजन करने और साथ ही अश्लील सामग्री देखने में खप रहा है। बेहतर हो कि सस्ते डाटा को महंगा किया जाए। इससे दोहरे लाभ होंगे। एक तो सामाजिक समस्या बन गई अश्लीलता का प्रसार थमेगा और दूसरे टेलीकॉम कंपनियों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।

रिपोर्टर

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