5 साल में आईआईटी के कितने छात्रों ने कर ली खुदकुशी, सरकार ने बताई संख्या

देश के अलग-अलग भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) से अक्सर छात्रों की खुदकुशी की खबरें आती हैं। इसके पीछे कभी पढ़ाई का दबाव, कभी सहपाठियों द्वारा मानसिक प्रताड़ना तो कभी कुछ और कारण बताए जाते हैं। कुछ ही दिन पहले आईआईटी मद्रास की छात्रा फातिमा लतीफ की खुदकुशी का मामला सामने आया था।
क्या आप जानते हैं कि बीते पांच सालों में देश के विभिन्न आईआईटीज में कुल कितने छात्र अलग-अलग कारणों से अपनी जान दे चुके हैं? अगर नहीं, तो जरूर जानें.. क्योंकि ये आंकड़ा आपको चौंका सकता है। केंद्र सरकार ने खुद इसकी जानकारी दी है।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' (Union HRD Minister Ramesh Pokhriyal Nishank) ने लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में ये जानकारी दी है। सवाल सोशलिस्ट पार्टी के सांसद एनके प्रेमचंद्रन द्वारा पूछा गया था।
सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पिछले पांच सालों में देश के 23 आईआईटीज के 50 विद्यार्थी खुदकुशी कर चुके हैं। इनमें से सबसे ज्यादा आईआईटी गुवाहाटी के रहे। खुदकुशी करने वाले 50 में से 14 विद्यार्थी आईआईटी गुवाहाटी के थे।
मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच सालों में आईआईटीज में सबसे ज्यादा खुदकुशी के मामले में आईआईटी मद्रास और आईआईटी बॉम्बे दूसरे स्थान पर रहा। दोनों में 7-7 विद्यार्थियों ने खुदकुशी की। वहीं, आईआईटी दिल्ली के चार, आईआईटी खड़गपुर के पांच और आईआईटी कानपुर व आईआईटी रूड़की के एक-एक विद्यार्थी ने किसी न किसी कारण से अपनी जान दे दी।
वहीं, अगर भारतीय प्रबंधन संस्थानों (IIM - Indian Institute of Management) की बात करें, तो देश के 20 आईआईएम से पांच सालों में 10 विद्यार्थियों ने खुदकुशी कर ली।

रिपोर्टर

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