मीरा भायंदर में घोटाले पर घोटाला


दीपक खांबित ने शहर को लूट डाला

मीरा रोड
मीरा भायंदर की जनता को एमबीएमसी का पूरा कच्चा-चिट्ठा मालूम है। कई बार यहां की जनता में उनके खिलाफ जनाक्रोश भी दिखा है और उन्होंने धरना आंदोलन कर अपनी नाराजगी मनपा प्रशासन से लेकर मंत्रालय तक पहुंचाई है, लेकिन वह खांबित का बाल भी बांका नहीं कर पाई। सच तो यह है इतने विरोध के बावजूद दीपक खांबित शासन-प्रशासन और जनता को ठेंगा दिखाते हुए अपनी जगह पर कुंडली मारकर जमा हुआ है तथा आज भी किसी भी इतना दम नहीं दिख रहा है कि तमाम शिकायतों और घोटालों के पदार्फाश होने के बावजूद खांबित को उखाड़ फेंके और उनकी जगह किसी ईमानदार- कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी को लाकर शहर के ठप पड़े  विकास कार्यों को आगे बढ़ाये।
कब होगी कार्रवाई  ?                                                               
सूत्रों के मुताबिक मौजूदा समय में शहर की सड़कों के कंक्रीटीकरण में करोड़ों के घोटाले में शामिल कथित घोटालेबाज दीपक खांबित के खिलाफ मनपा आयुक्त बालाजी खतगांवकर भी कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा सकते। कारण साफ है कि खांबित पहुंच मंत्रालय ही नहीं मुख्यमंत्री के चैंबर तक है। हालांकि सरकार में काफी बदलाव आया है, और अब युति की सरकार के बदले शिवसेना, एनसीपी तथा कांग्रेस की सरकार है लेकिन मीरा भायंदर केस कथित नटवरलाल महाघोटालेबाज दीपक खांबित पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है।
क्वालिटी में गड़बड़ी की तो खैर नहीं: विधायक गीता जैन


स्थानीय विधायक गीता जैन ने शहर में चल रहे सड़कों के कंक्रीटीकरण में किए जा रहे कथित घोटाले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने दैनिक ह्यूमन राइट्स टाइम्स से बात करते हुए कहा कि सड़कों के कंक्रीटीकरण के मामले में क्वालिटी से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गीता जैन ने बताया कि उन्होेंने इस बारे में एमबीएमसी आयुक्त बालाजी खतगांवकर और कार्यकारी अभियंता दीपक खांबित से बात की है तथा उन्हें क्वालिटी मेंटेन करने की हिदायत दी है। उन्होंने बताया कि सड़कों के कंक्रीटीकरण की क्वालिटी को वे गंभीरता से ले रही हैं और इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गीता जैन ने कहा कि जरुरत पड़ने पर वे इसका आॅडिट कराएंगी और अगर इसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाएगी तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, साथ ही देव इंजीनियरिंग कंपनी को ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाएगा।
खांबित पर क्या मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे कसेंगे शिकंजा


फिलहाल शहर में चल रहे सड़कों के कंक्रीटीकरण में करोड़ों की कथित काली कमाई करने से दीपक खांबित को रोकनेवाला कोई दिखाई नहीं दे रहा है। जैसा कि हमने पहले के अपने पार्ट में इस बात का विस्तार से जिक्र किया था कि मीरा रोड स्टेशन और शीतल नगर से सृष्टि तक सड़कों के कंक्रीटीकरण का जो काम चल रहा है, उसमें कन्सट्रक्शन कंपनी देव इंजीनियरिंग और दीपक खांबित की मिलीभगत से करोड़ों रुपए का वारा-न्यारा किया जा रहा है। इस वजह से सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल उठना लाजिमी है। अब लाख टके का सवाल यह है कि क्या मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे इस घोटालेबाज अधिकारी पर शिकंजा कस पाएंगे।  इस सवाल का जवाब आपको मिलेगा एचआरटी के अगले अंकों में ।
घोटालेबाजों की पूरी फौज एमबीएमसी से लेकर मंत्रालय तक चेन

खांबित के खंभे की तरह एमबीएमसी में वर्षों से टीके रहने का राज क्या है, इस बारे में जब हमने जांच-पड़ताल की तो जो सच्चाई सामने आई, उस बारे में जानकार अब भी दंग रह जाएंगे। दरअस्ल खांबित ने एमबीएमसी से लेकर मंत्रालय तक एक ऐसी चेन बना रखी है, जिसमें शामिल सभी लोगों को घाटाले की मलाई पहुंचाई जाती है। इसलिए सरकार चाहे किसी की हो, अधिकारी चाहे कोई भी हो, मुख्यमंत्री भी चाहे कोई भी हो, खांबित की सेहत पर उससे कोई फर्क नहीं पड़ता और उनका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता। बताया जाता है कि फिलहाल पहले कथित रुप से जो घोटाले का हिस्सा पहले की सरकार के अधिकारियों और मंत्रियों को मिलता था, अब नई सरकार के अधिकारियों और मंत्रियों को मिलने लगा है। इसलिए मिडिया चाहे कितनी भी सच्चाई उजागर करे, दीपक खांबित का कुछ भी नहीं बिगड़ेगा और इस कथित घोटालेबाज इंजीनियर का एकछत्र राज चलता रहेगा।
अबतक आपने पढ़ा- अबतक के पार्ट 1 से लेकर 3 तक में आपने पढ़ा कि किस तरह मीरा भायंदर महानगरपालिका के कार्यकारी अभियंता दीपक खांबित शहर की सड़कों के कंक्रीटीकरण के ठेके में कथित रुप से टक्केवारी के साथ हिस्सेदारी लेकर यहां के विकास कार्यों में महाघोटाले को अंजाम दे रहे हैं। आज के पार्ट-4 में पढ़िए दीपक खांबित से संबंधित कई नये सनसनीखेज खुलासे।

आज हमने फिर दिनांक 12.12.2019 के दैनिक हयूमन राइट्स टाइम्स मे पार्ट 3 प्रमुखता से लिखा है