पोर्न देखने से लाइफ पर हो सकते हैं ये दुष्प्रभाव


सेक्‍स, पोर्न और अंतरंगता और अब पोर्न बैन

हाल ही में 850 से अधिक पोर्न साइट करने की बात शोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। लोगों की इस विषय पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं हैं। जो भी हो आज के समय में पोर्न देखना बहुत आम हो गया है, लेकिन अक्‍सर सभी के ज़हन में यह सवाल उठता हैं कि पोर्न देखना बुरा हैं या अच्‍छा।



कई रिसर्च कहती हैं कि पोर्न देखने के फायदे हैं तो कई रिसर्च इसके बुरे प्रभावों के बारे में बताती हैं। साथ ही एक सवाल और भी उठता है कि क्या पोर्न देखने से  सेक्स क्षमता काम होती है .




पोर्न का सच

पोर्न अश्लीलता से दूर नहीं है, और कई लोगों के लिए तो यह एक हानिरहित व्याकुलता है। मनोविज्ञान टुडे ब्लॉगर दाऊद ले की रिपोर्ट के अनुसार, "पोर्न लोगों को प्रभावित कर सकता हैं, लेकिन उनके मूल्यों को ओवरराइड नहीं करता है।"

आज भी बिना किसी शक के कई लोग अश्लील साहित्य को देखने और पूरी तरह से संतोषजनक संबंधों को निभाने में निपुण हैं।डेली मेल अखबार में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार, जो पुरुष पोर्नोग्राफी बहुत अधिक देखते हैं उनका दिमाग सिकुड़ जाता है और उनकी सेक्सुअल संवेदनाएं कम हो जाती हैं।

ये अपने आप में पहली रिसर्च है जिससे पता चला है कि रोजाना पोर्न देखने से शारीरिक नुकसान भी होता है।



असंतिष्टी की भावना

पॉर्न मॉडल्स का कमाल का फिगर और सुंदरता काफी हद तक मेकअप, कॉस्मेटिक सर्जरी और फोटोशॉप वगैरह पर निर्भर रहते हैं। लेकिन पॉर्न देखने वाले भी निजी जिंदगी में वोही पाना और करना चाहते हैं जो वे पोर्न में देखते हैं।

जिस कारण आगे चलकर असंतुष्टी होने लगती है। वे अपने पार्टनर से खुश नहीं रहते, कभी न कभी उसके दिल में आता है के उसका पार्टनर उतना अच्छा नहीं है।सेक्स थेरेपिस्ट और मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, किशोरों और वयस्कों के साथ काम करते हुए उन्होंने पाया कि अधिक से अधिक महिलाएं पोर्न प्रेरित सेक्स की बजाय आत्मीयता से प्रेरित सेक्स के बारे में शिकायत करती है।

 

रिपोर्टर

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