पतरे के शेड के मसौदे पर दस दिनों में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश

  

महापौर ने किया मनपा अधिकारियों की समिति का गठन

मुंबई
  मुंबई इमारत दुरुस्ती एवं पुनर्रचना महामण्डल के अधिकार क्षेत्र की इमारतों के छतों पर पतरे के शेड लगाने की मंजूरी देने के लिए महापौर किशोरी पेडणेकर ने मनपा अधिकारियों की समिति का गठन किया है। समिति को दस दिनों के भीतर इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश महापौर ने दिए हैं। विदित हो कि बारिश के दौरान इमारतों की छतों से पानी का रिसाव होता है।  जिससे इमारतों के जर्जर होने का खतरा बना रहता है। साथ ही इन इमारतों के रहिवासियों के घरों में पानी के रिसाव के चलते सामानों को भी क्षति पहुंचती है। इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए महापौर किशोरी पेडणेकर ने  मुख्य अभियंता (विकास - नियोजन), मुख्य अग्निशमन अधिकारी, परिमंडल एक एवं दो के उपायुक्त की समिति गठित की है। इस मुद्दे पर महापौर के साथ आयोजित बैठक में विधायक सुनील प्रभु, अजय चौधरी, विलास पोतनीस तथा मुंबई बैंक के डॉयरेक्टर अभिषेक घोसालकर समेत मनपा के तमाम अधिकारी मौजूद थे। गौरतलब है कि मुंबई इमारत दुरुस्ती एवं पुनर्रचना महामण्डल के अधिकार क्षेत्र की इमारतों के छतों पर पतरे के शेड लगाने की मांग विधायक सुनील प्रभु, सुनील शिंदे, पूर्व महापौर श्रद्धा जाधव ने की थी।
 जिसे दृष्टिगत रखते हुए म्हाडा रिपेयर बोर्ड के अध्यक्ष विनोद घोसालकर ने म्हाडा प्राधिकरण की बैठक में पतरे के शेड के लिए पांच करोड़ की निधि को मंजूरी प्रदान की है। दूसरी ओर इमारतों पर स्थायी रूप से पतरे के शेड लगाने की अनुमति मनपा द्वारा नहीं दी जाती है। इस बारे में निर्णय अब दस दिनों में लिया जाने वाला है। जानकारों के मुताबिक इमारतों की आयु को दृष्टिगत रखते हुए स्थायी तौर पर छतों पर लोहे के पतरे के शेड लगाने पर प्रतिबन्ध के साथ ही छतों को खुला रखने का नियम मनपा ने बना रखा है। इसके तहत मनपा  प्रशासन इमारतों की छतों पर पतरे के शेड लगाने की अनुमति देने को राजी नहीं है। 

रिपोर्टर

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