कच्चे तेल की कीमतों में कमी के बावजूद हर दिन बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, PM मोदी के घर बैठक

तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है. ये बढ़ोतरी ऐसे समय में हो रही है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में पांच डॉलर तक कम हुई है. कांग्रेस सवाल उठा रही है कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत कम हो रही है तो यहां सरकार कीमत कम क्यों नहीं कर रही?

इस बीच पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के घर पर बैठक चल रही है. इस बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली और पेट्रोलियम मत्री धर्मेंद्र प्रधान मौजूद हैं. बैठक में कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने पर चर्चा हो रही है.

कम हुए कच्चे तेल के दाम
9 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 85.16 डॉलर, 10 अक्टूबर को 83.82 डॉलर थी. आज इसकी कीमत 80.51 डॉलर प्रति बैरल है. वहीं इसके विपरीत भारत में आज लगातार आठवें दिन तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई. दिल्ली में डीजल 28 पैसे और पेट्रोल 12 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ. एक लीटर डीजल 74 रुपये 90 पैसे और पेट्रोल 82 रुपये 48 पैसे प्रति लीटर की दर से बिक रहा है. भारत में पेट्रोल और डीजल का भाव अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम से तय होता है.

पिछले आठ दिनों में डीजल एक रुपया 95 पैसा और पेट्रोल 98 पैसा महंगा हुआ है. कीमत बढ़ने की यही रफ्तार रही तो जल्द ही पेट्रोल-डीजल की कीमत दिल्ली में अपने उच्चतम स्तर को पार कर लेगा.

केंद्र की मोदी सरकार ने चार अक्टूबर को थोड़ी राहत देते हुए पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर ढ़ाई रुपये की कटौती करने की घोषणा की थी. तब एक लीटर पेट्रोल की कीमत दिल्ली में 84 रुपये और डीजल 75 रुपये 45 पैसे थी.



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