गोरखपुर में बेलगाम बदमाशों आम लोगों की बढ़ाई पीड़ा


  गोरखपुर बेलगाम बदमाश बेखौफ होकर लूट छिनैती की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं और बेरहम हो चुकी पुलिस पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाय अपनी गर्दन बचाने में जुटी है। बदमाशों के शिकार बने पीड़ित थाने के चक्कर लगाते थक जाते हैं, लेकिन पुलिस उनका मुकदमा तक दर्ज नहीं करती। इसके लिए उन्हें बड़े अफसरों की चौखट पर फरियाद करनी पड़ती है। पुलिस की इसी कार्यशैली के चलते बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। लगातार वारदातें हो रही हैं। यह बात और है कि उनके आंकड़ों में क्राइम कंट्रोल में है। आइए नजर डालते हैं हाल की कुछ घटनाओं पर।

 ये है मामले

 पांच जनवरी को शाहपुर क्षेत्र में बदमाशों ने रेलवे के सेवानिवृत्त इंजीनियर राजेंद्र ओझा की पत्नी पूनम का पर्स लूट लिया। वह अचेत होकर सड़क पर गिर गईं। आसपास के लोग उन्हें घर ले गए। पर्स में कान की बाली, सोने की चेन, दो रिंग, साढ़े पांच हजार रुपये नकद और स्मार्ट फोन था। तहरीर पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। अधिकारियों के निर्देश पर एक सप्ताह बाद लूट का मुकदमा दर्ज हुआ। सात जनवरी को शाहपुर के जंगल शालिकराम मोहल्ले में महिला की चेन लूटकर बाइक सवार बदमाश फरार हो गया। शिकायत पर थानेदार ने कार्रवाई नहीं की। अधिकारियों के निर्देश पर एक सप्ताह बाद अज्ञात के खिलाफ चेन हड़पने का मुकदमा दर्ज किया। 27 नवंबर को शाहपुर क्षेत्र की महिला नीलम की चेन आॅटो में चोरी हो गई। पीड़िता ने शिकायत की, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। परेशान पीड़िता ने आइजीआरएस पर शिकायत की। कार्रवाई नहीं हुई। आठ जनवरी को कैंट पुलिस ने आॅटो में चोरी करते तीन महिलाओं को पकड़ा। फोटो देखने के बाद नीलम ने उन्हें पहचान लिया। सीओ गोरखनाथ को जानकारी देने पर 11 जनवरी को चोरी को मुकदमा दर्ज हुआ।

रिपोर्टर

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