लालाजी ओमेगा इंटरनेशनल स्कूल चेन्नई में हार्टफुलनेस की ओर से ‘पी.वी. सिंधु बैडमिंटन अकैडमी – अ स्टेट ऑफ द आर्ट बैडमिंटन स्टेडियम एण्ड ट्रेनिंग सेंटर’ की स्थापना

  चेन्नई: श्रेष्ठ बैडमिंटन खिलाड़ी सुश्री पी.वी. सिंधु द्वारा आधारशिला रखे जाने के बाद हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट ने पी.वी. सिंधु बैडमिंटन अकैडमी – अ स्टेट ऑफ द आर्ट बैडमिंटन स्टेडियम एण्ड ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना का खुलासा किया। 18 से 24 माह के भीतर इसके तैयार हो जाने की संभावना है। विश्वस्तरीय होने के कारण यह स्वयं में एक पहचान होगा। लालाजी ओमेगा इंटरनेशनल स्कूल कोलपक्कम, चेन्नई में यह सुविधा वहाँ के छात्रों तथा उनके लिए भी उपलब्ध होगी जो बैडमिंटन को एक खेल के रूप में जारी रखना चाहते हों। अकैडमी में सर्वोतम सामग्री से निर्मित आठ से अधिक कोर्ट होंगे जिनकी तुलना ओलिम्पिक तथा विश्व-चैंपियनशिप में प्रयुक्त कोर्ट से की जा सकेगी। इसमें 1000 से अधिक क्षमता वाली दर्शक-दीर्घा, एक जिम व फिजियो सेंटर तथा ध्यान एवं योग के अभ्यास के लिए भी एक निर्धारित स्थान होगा।  

इसकी प्रगति पर टिप्पणी करते हुए हार्टफुलनेस गाइड कमलेश पटेल ने कहा, “हार्टफुलनेस द्वारा पी.वी. सिंधु के खेल में जो उत्कृष्टता आयी उसके बारे में उसका अनुभव सुनने के बाद हमें इस अकैडमी की स्थापना की दिशा में सोचने की प्रेरणा मिली। इसके द्वारा इस खेल में हमारी स्थानीय प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन व पोषण ही नहीं होगा बल्कि बैडमिंटन में रुचि रखने वालों को हार्टफुलनेस का लाभ भी मिलेगा।”

इस अवसर पर सुश्री पी.वी. सिंधु का कहना था, “इस अकैडमी का नाम मेरे नाम पर रखे जाने पर मैं सम्मानित महसूस कर रही हूँ। खेलना किसी के सर्वांगीण विकास के लिए लाभदायक होता है। प्रतियोगिता के स्तर पर यह और भी चुनौतीपूर्ण होता है और हम खिलाड़ियों को शारीरिक रूप से ही नहीं बल्कि भावनात्मक व मानसिक रूप से भी चुस्त-दुरुस्त रहना होता है। हर शॉट के बाद कोर्ट के केंद्र में वापस आ जाना ही काफी नहीं होता बल्कि मानसिक रूप से भी केन्द्रित बने रहना महत्वपूर्ण होता है, खेल में चाहे कुछ भी हो रहा हो। यही चीज है जो पासा पलट देती है। ऐसे मौकों पर पिछले एक साल के मेरे हार्टफुलनेस अनुभव ने फोकस बनाए रखने की मेरी काबिलियत में भारी परिवर्तन ला दिया है।


बैडमिंटन के खेल में नई ऊर्जा का संचार

ओमेगा स्कूल के बैडमिंटन केन्द्र में विश्व-स्तर के प्रशिक्षक होंगे। बैडमिंटन में पी.वी. सिंधु जैसे कोच होंगे, शारीरिक सहन-शक्ति व स्वास्थ्य प्रशिक्षक होंगे तथा हार्टफुलनेस मेडिटेशन व योग प्रशिक्षक होंगे जो खिलाड़ियों के श्रेष्ठतम प्रदर्शन के लिए उनके भावनात्मक व मानसिक पहलुओं को मजबूती व सहारा प्रदान करेंगे।

पी.वी. सिंधु ने कहा, “इस सुविधा से  बैडमिंटन के खेल को अत्यधिक बढ़ावा व उत्साह मिलेगा। यहाँ खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने की ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट कराने की भी योजना है।”

पी.वी. सिंधु ने हार्टफुलनेस को अपनी दादी के कहने पर अपनाया और तब से वह इसका नियमित अभ्यास कर रही हैं। हाल ही में हार्टफुलनेस के अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय कान्हा शान्तिवनम में विभिन्न स्कूल व कॉलेजों से आए लगभग 30,000 छात्रों व फ़ैकल्टी को संबोधित करते हुए उन्होने दाजी की मदद व आशीर्वाद के लिए उन्हें धन्यवाद दिया और कहा कि हार्टफुलनेस के अभ्यास ने उन्हें मानसिक रूप से सशक्त व शान्त बनने में मदद की है। उन्होने सभी को इसे आजमाने के लिए उत्साहित किया।

अन्य खिलाड़ियों ने भी अपने खेल के प्रदर्शन में मेडिटेशन के सकारात्मक प्रभाव की सराहना की है। हाल ही में क्रिकेटर रोहित शर्मा ने भी हार्टफुलनेस को अपनाया और अपने कान्हा शांतिवनम के दौरे में उन्होने अपने नाम पर रखे गए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की आधारशिला रखी।

विभिन्न अध्ययन बताते हैं कि हार्टफुलनेस का अभ्यास करने से अभ्यासियों के निद्रा-चक्र, सहानुभूति, कृतज्ञता, प्रोत्साहन स्तर, शान्ति व फोकस, बेहतर निर्णय क्षमता तथा जीवन व कौशल के समग्र गुणात्मक सुधार में मदद मिलती है।

हार्टफुलनेस मुख्यालय कान्हा शान्तिवनम की ओर सम्पूर्ण विश्व से हर वर्ष लाखों अभ्यासी आकर्षित हो रहे हैं। इस संस्था के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 28 जनवरी 2020 से 9 फरवरी 2020 के मध्य भारत के राष्ट्रपति तथा योगऋषि बाबा रामदेव सहित 1,00,000 लोगों ने यहाँ के उत्सव में भाग लिया।

ध्यान केन्द्र के रूप में प्रतिष्ठित 1400 एकड़ में फैले कान्हा शान्तिवनम का नव-निर्मित प्रांगण मानव रूपान्तरण के केन्द्र के रूप में विकसित हो चुका है। एक समय उजाड़ और सूखा पड़ा रहा यह क्षेत्र आज पाँच लाख पेड़ों से भरा एक हरा-भरा क्षेत्र बन गया है। इनमें से कई पेड़ दुर्लभ और लुप्तप्राय प्रजातियों के हैं जिनकी  देखभाल यहाँ पर्यावरण की दृष्टि से एक संतुलित प्रवास बनाने के लिए की जा रही है। कान्हा शान्तिवनम को इस प्रकार से डिजाइन किया गया है कि यहाँ मनुष्य, वनस्पति या जीव-जन्तु सभी को उच्चतम कोटि का प्रवास उपलब्ध हो सके।

हार्टफुलनेस के बारे में: हार्टफुलनेस (www.heartfulness.orgराजयोग प्रणाली के ध्यान का एक अभ्यास है जिसका आविर्भाव 20 वीं शताब्दी के आरंभ में हुआ। इस तेज भागती दुनिया में हार्टफुलनेस जीवन के सभी क्षेत्रों, पृष्ठभूमि, संस्कृति व धार्मिक मतों से आने वाले लोगों को आन्तरिक शान्ति व स्थिरता प्रदान करने में मदद कर रहा है। भारत और विदेशों के हजारों स्कूल और कॉलेजों में चल रहे हार्टफुलनेस के प्रशिक्षण को देखा जा सकता है। कॉर्पोरेट, सरकारी व गैर-सरकारी संस्थाओं में भी पेशेवर लोग यह ध्यान कर रहे हैं। हार्ट-स्पॉट के नाम से जाने जाने वाले 5000 हजार से भी अधिक हार्टफुलनेस केन्द्रों में हजारों प्रशिक्षित ट्रेनर 160 देशों के लाखों अभ्यासियों की मदद कर रहे हैं।    

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