कल्याण के सांसद व विधायक फिर विवादों में


 कानून को ताक पर रखकर देर रात तक चले फेस्टिवल के आयोजक के खिलाफ ध्वनि प्रदूषण का मामला दर्ज

 उल्हासनगर। अंबरनाथ के प्राचीन शिवमंदिर के समीप बड़े पैमाने पर आयोजित हुए शिवमंदिर आर्ट्स फेस्टिवल इस बार फिर से विवादों के घेरे में फंस गया है।  कानून को ताक पर रखकर स्कूल के समीप देर रात तक बजे  ढोल ताशे, आतिशबाजी द्वारा यहां की शांति भंग की गई थी। शिकायतों उपरांत आयोजक पर शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन ने मामला दर्ज किया  है। शिवमंदिर आर्ट फेस्टिवल में ध्वनि कर्षण का मामला पहले से ही हाई कोर्ट लंबित चल रहा है, इस एफआईआर के चलते कल्याण लोकसभा के शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे अंबरनाथ के शिवसेना विधायक बालाजी किनिकर पुन: विवादों में गए है। गौरतलब हो कि शिवमंदिर आर्ट फेस्टिवल महोत्सव पिछले 5 वर्षों से मनाया जा रहा है। शिवसेना के सांसद श्रीकांत शिंदे, जिले के पालक मंत्री एकनाथ शिंदे, विधायक  बालाजी किणीकर, शिवसेना शहर प्रमुख अरविंद वालेकर, पूर्व नगराध्यक्ष सुनील चौधरी द्वारा भव्य पैमाने पर शिव मंदिर आर्ट फेस्टिवल  महोत्सव का आयोजन किया जाता रहा है। शिवमंदिर के पास मराठी स्कूल नंबर 9 के समीप का मैदान त्यौहार के लिए इस्तेमाल किया जाता था। 2017 में इसी तरह शिवमंदिर आर्ट फेस्टिवल भव्य पैमाने पर आयोजित किया गया था,जिसमें कानून की जमकर धज्जियां उड़ाई गई इसी के चलते हिराली फाउंडेशन की अध्यक्ष सरिता खानचंदानी ने कार्यक्रम सहित आयोजकों का जमकर विरोध करते हुए  बाम्बे उच्चन्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की थी तब सकते में आयी अंबरनाथ पुलिस ने आयोजक के ऊपर ध्वनि कर्षण का मामला दर्ज किया था। बावजूद 2018 में भी आयोजकों ने इसी तरह कानून को ताक पर रखकर ठेंगा दिखाते हुए देर रात तक जमकर डीजे और ढोल तासे बजाते रहे।ध्वनि कर्षण के विरुद्ध सरिता खानचंदानी द्वारा सांसद श्रीकांत शिंदे विधायक बालाजी किनिकर के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई में सांसद विधायक ने एक एफिडेविट फाइल कर न्यायालय से क्षमा मांगी थी,बावजूद  2019 में भी शिवमंदिर आर्ट फेस्टिवल में इसी तरह देर रात तक धमाल किया गया।जिसके बाद सरिता खानचंदानी ने हाईकोर्ट में  कंटेम्प्ट पिटीशन दायर की थी जो अब तक विचाराधीन है।हालांकि शिवाजी नगर पुलिस ने आयोजक अरविंद मालसूरे के खिलाफ ध्वनि कर्षण का मामला दर्ज कर लिया है।  इस विषय मे हिराली फाउंडेशन की अध्यक्ष सरिता खानचंदानी ने बताया कि हमने इस तरह के स्थान पर एक साइलेंट क्षेत्र होने के कारण कार्यक्रम को रखने के लिए विरोध किया था। हालांकि, नगरपालिका ने अब इस क्षेत्र को शांति क्षेत्र घोषित किया है,इस कारण यह कार्यक्रम अवैध साबित हो गया है। इस कार्यक्रम के मूल आयोजकों पर अपराध दर्ज करने की मांग करते है, जबकि अदालत में, यह मामला चल रहा,फिर भी इस साल इस आयोजको  द्वारा ध्वनि प्रदूषण किया गया है। मैंने पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे के ट्विटर पर सूचना दी है, जो उनकी पार्टी के नेता हैं जब इस संबंध में सांसद डॉ.श्रीकांत शिंदे से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।उनके करीबी से जब इसके बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि महानगरपालिका ने इस जगह के बारे में प्रस्ताव पास किया है कि यह क्षेत्र शांति क्षेत्र नहीं है, साथ ही हम इसके बारे में अधिक बात नहीं कर सकते क्योंकि मामला अदालत में लंबित है।

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