कोरोना का खौफ: मास्क के बिना डॉक्टरों ने मरीजों को देखने से किया इंकार

मोतीहारी। सदर अस्पताल के डॉक्टरों को मास्क नहीं मिलने पर शनिवार को आउटडोर में घंटों मरीजों को नहीं देखा। मरीज इलाज के अभाव में परेशान रहे। सूचना पर सीएस सदर अस्पताल आये और सोमवार को मास्क मुहैया करा देने का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब 12 बजे से आउटडोर में डॉक्टरों ने मरीजों को देखने का काम शुरु किया । कोरोना को लेकर बिहार को पूरी तरह अलर्ट किया गया है। नेपाल सीमाई जिला होने के कारण पूर्वी चम्पारण को विशेष अलर्ट किया गया है। मगर स्थिति यह है कि सदर अस्पताल में डाक्टर सहित स्टाफ को सुरक्षा के लिए न तो मास्क मुहैया कराया गया है और न विशेष प्रकार का एप्रन।  

भटकते रहे मरीज

मास्क को लेकर डाक्टरों ने सुबह आठ बजे से ही काम का बहिष्कार कर दिया था। आउटडोर में दिखाने आये मरीज अपना निबंधन करा कर डाक्टरों के बैठने का इंतजार करते रहे। मगर डाक्टर जब घंटों नहीं आये तो मरीजों ने इसकी शिकायत के लिए डीएस को खोजना शुरु किया। मगर डीएस भी नहीं थे। जिसके चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर गर्भवती महिलायें जो चेकअप के लिए आयी थीं वे परेशान रहीं। आउटडोर में दिखाने आयीं ढाका की शबनम ने बताया कि उसके बेटे का पैर टुट गया है। दर्द से बच्चा कराह रहा है। मगर डाक्टर नहीं हैं। तुरकौलिया के रामभजन का कहना था कि उसे सर्दी, खांसी है। संग्रामपुर के रामनाथ व मोतिहारी के सुभाष ने बताया  कि  बुखार है मगर डाक्टर नहीं बैठे हैं। प्राईवेट में जा रहे हैं।  हालांकि 12 बजे डाक्टर आउटडोर में बैठे मगर तक तक कई मरीज लौट चुके थे।

 

रिपोर्टर

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