नयी रेलवे सुरंग से सितंबर से दौड़ेंगी ट्रेन

मुंगेर। ईस्टर्न रेलवे के अधीन बढ़हड़वा से किऊल रेलखंड के बीच करीब 247 किमलोमीटर तक की रेल पटरी का दोहरीकरण और विद्युतीकरण कार्य अब अंतिम चरण में है। दूसरी नयी सुरंग निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है, आने वाले पांच माह बाद हम यात्रियों को दूसरी सुरंग के रास्ते सफर कराने में समक्ष हो जाएंगे।यह बातें पूर्व रेलवे कोलकाता के महाप्रबंधक (जीएम) सुनीत शर्मा ने जमालपुर में कहीं। वे शनिवार को रेल इंजन कारखाना का वार्षिक निरीक्षण करने जमालपुर पहुंचे थे। महाप्रबंधक ने कहा कि करीब 220 करोड़ की लागत से विद्युतीकरण कार्य में रेल प्रशासन दिनरात लगा हुआ है। मालदा से दानापुर मंडल के बीच ट्रेनों की रफ्तार 130 तक करने की कोशिश है। किऊल आरआरआई सिस्टम से चालू होते ही जहां ट्रेनों की संख्या में बढ़ोतरी कर दी जाएगी, वहीं दानापुर और मालदा की अधिकांशत: गाड़ियों का विस्तरीकरण किऊल और भागलपुर तक कर दिया जाएगा। मुंगेर गंगा रेलब्रिज रास्ते भी ट्रेनों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि मई माह में दूसरी सुरंग में ओएचई वर्क शुरू किया जाएगा। और सितंबर में इलेक्ट्रिक ट्रेन-इंजन नयी सुरंग से गुजरेगी। प्लेटफार्म पर अतिरिक्त शेड, डिजीटल इंडीकेटर एलईडी, सीसीटीवी कैमरे सहित अन्य सुविधाएं देनी शुरू कर दी गयी है। उन्होंने कहा हमें समय की मांग व सुविधाओं पर विशेष ध्यान देना होगा। रेल इंजन कारखाना को लगातार कार्य-भार बढ़ाया दिया जा रहा है, और अतिरिक्त लोड भी दिया जाएगा। कारखाने का इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास कर निर्माण व मरम्मत कार्य में तेजी लाने की दिशा में पहल हो चुकी है। कारखाना को मॉडर्नाइज्ड किया जा रहा है ताकि 158 साल पुराना का भारतीय रेल के स्पर्धा में सबसे आगे खड़ा सके। उन्होंने कहा कि अब डीजल इंजन की जगह इलेक्ट्रिक इंजन ने स्थान बना लिया है।

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