ट्रेनों में मांसाहारी भोजन की मांग घटी

मुजफ्फरपुर। कोरोना के डर से ट्रेनों में अचानक शाकाहारी भोजन की डिमांड बढ़ गई है। रेल यात्री पेंट्रीकार से केवल शाकाहारी भोजन ही मांग रहे हैं। स्थिति यह है कि प्रतिदिन जिस ट्रेन में जहां 20 से 25 किलो मुर्गे की खपत होती थी, वह घटकर मात्र डेढ़ से दो किलो रह गई है। बहुतेरे यात्री तो पेंट्रीकार के खाने से भी परहेज करने लगे हैं। वे घर से ही भोजन लेकर यात्रा पर निकल रहे हैं।  इस स्थिति का  खामियाजा आईआरसीटीसी को भुगतना पड़ रहा है। खानपान का  प्रबंध करने  वाली आईआरसीटीसी को पेंट्रीकार संचालन में घाटे का सामना करना  पड़ रहा है। यह नौबत पिछले 15 दिनों से है।  व्यवस्था में सुधार डीसीआई धनंजय कुमार ने बताया कि सभी ट्रेनों की पेंट्रीकार के संचालन की स्थिति में काफी सुधार की गई है। भोजन बनाने वाले कर्मी मास्क व गलब्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।  बर्तनों की पूरी सफाई हो रही है। सोमवार को उन्होंने यशवंतपुर एक्सप्रेस की पेंट्रीकार में ऑर्डर की जांच की तो पता चला कि पूरी ट्रेन में मात्र तीन प्लेट मांसाहर की मांग की गई थी। 

रिपोर्टर

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