बनारस में गंगा आरती पर लगी रोक


 वाराणसी वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर होने वाली मां गंगा की दैनिक आरती पर रोक लगा दी गई है। गंगा आरती कराने वाली संस्था गंगा सेवा निधि ने यह फैसला कोरोना वायरस को लेकर लिया है।  वाराणसी के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि गंगा आरती की परंपरा निरंतर रूप चलेगी, लेकिन इसमें श्रद्धालुओं के आने पर रोक लगा दी है। यह आरती सूक्ष्म रूप की से जाएगी। इसमें सार्वजनिक भागीदारी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। आरती के अलावा कोई भी आम जनता इसमें भाग नहीं लेगी।  गंगा आरती के आयोजकों ने बताया कि आरती एक या दो लोगों द्वारा सांकेतिक रूप से की जाएगी। यह आदेश 31 मार्च तक लागू रहेगा। इससे पहले भी वाराणसी में कई सार्वजनिक स्थलों पर लोगों के आने-जाने पर रोक लगा दी है। वहीं काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी है। संकटमोचन मंदिर में भी श्रद्धालुओं के मंदिर में प्रवेश करने से पहले सैनेटाइजर से हाथ धोए जा रहे हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर में भी यही व्यवस्था की गई है। लोगों के हाथ अच्छे से धोए जा रहे हैं, उसके बाद साफ तौलिए से भी हाथों को साफ किया जा रहा है।  सारनाथ में भी कोरोना वायरस के कारण मंदिरों को बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही सारनाथ संग्राहलय को भी बंद कर दिया है। इस कारण सैलानियों को मायूस होकर लौटना पड़ा। सिगरा स्टेडियम को भी दो अप्रैल तक के लिए बंद कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो अप्रैल तक स्कूल-कॉलेज और सिनेमा घर सब बंद करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट बैठक में कहा कि सरकारी कार्यालयों में भीड़ खत्म करने के लिए कर्मचारियों को घर से काम करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, साथ ही प्रदेश सरकार ने कोरोना का मुफ्त इलाज किए जाने की घोषणा की है।

 काशी विद्यापीठ, पूर्वांचल विवि और बीएचयू प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला

कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए काशी विद्यापीठ और उससे संबद्ध कॉलेजों की वार्षिक परीक्षाएं दो अप्रैल तक टाल दी गई हैं। इसके साथ ही बीएचयू और संबद्ध महाविद्यालयों, स्कूलों में कक्षाओं को 31 मार्च तक स्थगित कर दिया गया है। वहीं पूर्वांचल विश्वविद्यालय में भी परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है।


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