ऐतिहासिक रहस्य का पता लगाने के लिए चंदौली पहुंची पुरातत्व विभाग


   चंदौली। चंदौली जिले के माटीगांव की माटी के नीचे मौजूद ऐतिहासिक रहस्य का पता लगाने के लिए बीएचयू की पुरातत्व विभाग की टीम मंगलवार शाम को पहुंच गई। बुधवार दोपहर से गांव के प्राचीन शिव मंदिर पर खुदाई का काम शुरू हो गया है। सर्वे के दौरान मिले कुषाण और गुप्तकालीन अवशेषों के चलते टीम के सदस्य काफी उत्साहित हैं। उम्मीद जताई कि खुदाई में मानव सभ्यता के साक्ष्य मिलने की पूरी संभावना है। पिछले दिनों मंदिर परिसर में टीम ने 25 वर्ग मीटर जमीन चिह्नित करके भूमि पूजन किया था।  केंद्रीय पुरात्व सर्वेक्षण विभाग से अनुमति मिलने के बाद बीएचयू की टीम ने 15 मार्च से गांव में खुदाई कराने की योजना बनाई थी, लेकिन मौसम खराब होने से भूमि पूजन कराकर छोड़ दिया गया था। बुधवार को दोपहर बाद बीएचयू पुरातत्व विभाग के प्रो एके दुबे, डॉ. विनय कुमार, डॉ. उमेश कुमार, राहूल त्यागी, अभिषेक सिंह और परम जी की देखरेख में खुदाई का काम शुरू हो गया। वहीं बीएचयू की टीम के गांव में पहुंचने से क्षेत्रीय लोगों में उत्साह का माहौल है। माटीगांव स्थित प्राचीन शिव मंदिर सामान्य धरातल से लगभग दस फीट ऊंचाई पर मौजूद है। मंदिर में विशालकाय स्वयंभू शिव लिंग क्षेत्र के लोगों के लिए आस्था का केंद्र है।  भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के पूर्व सहायक महानिदेशक वीआर मणि ने माटीगांव में मिले ऐतिहासिक अवशेषों का अवलोकन कर प्रतिमाओं की तिथि करीब 600 से 1200 ईस्वी के मध्य माना। वहीं ईंटों के कुषाण कालीन होने की पुष्टि की थी। इसकी तिथि करीब 80 ईस्वी के आसपास मानी गई है।


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