सूखने लगे हैं ब्लड बैंक, गहराया खून का संकट

मुजफ्फरपुर। कोरोना की दहशत से ब्लड बैंक सूखने लगे हैं। महीने भर से ब्लड डोनेशन कैंप नहीं लगाए जाने से सरकारी ब्लड बैंकों में खून की लगातार कमी होती जा रही है। अब तो कोरोना के कारण आस-पड़ोस के लोगों की बात दूर,अपने परिजन भी खून देने से कतरा रहे हैं। ब्लड बैंकों में पर्याप्त खून नहीं होने से अब कार्ड होल्डर को भी खून मिलने में परेशानी हो रही है। एसकेएमसीएच प्रशासन ने खून की कमी के कारण फ्री ब्लड देने पर तत्काल रोक लगा दी है।  खून की कमी का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि उत्तर बिहार के सबसे बड़े ब्ल्ड बैंक (एसकेएमसीएच) में फिलहाल 150 यूनिट ब्लड ही है। यहां की क्षमता सात सौ यूनिट की है और औसतन संग्रह 350 यूनिट रहता है। सदर अस्पताल के ब्लड बैंक का हाल तो इससे भी खराब है। 900 यूनिट के इस ब्लड बैंक में फिलहाल केवल 50 यूनिट ब्लड ही है। यह हाल केवल मुजफ्फरपुर के ब्लड बैंकों का है बल्कि पूरे सूबे के ब्लड बैंकों में खून की उपलब्धता को लेकर हाहाकार की स्थिति बनी हुई है।

अपने भी नहीं दे रहे खून 

कोरोना का ऐसा डर है कि लोग अपने परिजनों को भी खून देने से डर रहे हैं। कांटी के जितेन्द्र कुमार के पिता पटना के आईजीएमएस में भर्ती हैं। स्पाइन आॅपरेशन के कारण हर रोज दो यूनिट खून की जरूरत है। तीन दिनों से खून के लिए भटक रहे जितेन्द्र ने बताया कि जिसे उसने खून दिया था उस व्यक्ति ने भी कोरोना के नाम पर खून देने से मना कर दिया है।

रिपोर्टर

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