निर्भया के दोषियों की फांसी पर बॉलीवुड सितारों का आया रिएक्शन

मुंबई। 2012 में हुए निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले के चार दोषियों को आज शुक्रवार को फांसी दे दी गई। निर्भया को सात साल तीन महीने चार दिन बाद इंसाफ मिल गया है। दिल्ली की तिहाड़ जेल की घड़ी में जब पांच बजकर तीस मिनट हुए उस समय निर्भया के चारों गुनहगार फांसी पर लटका दिए गए। फांसी की खबर मिलते ही जेल के बाहर तालियां बजी। इसके साथ ही आज निर्भया के माता पिता का संघर्ष खत्म हुआ और देश की बेटियों के लिए न्याय की उम्मीद जगी है। इस खास मौके पर अभिनेत्री सुष्मिता सेन, तापसी पन्नू और अभिनेता ऋषि कपूर समेत कई बॉलीवुड सेलेब्स ने सोशल मीडिया पर दोषियों की फांसी पर प्रतिक्रिया दी है।  आखिरी बार फिल्म  थप्पड़  में नजर आईं अभिनेत्री तापसी पन्नू ने ट्वीट करते हुए निर्भया के माता पिता का सात सालों को संघर्ष को याद किया है। इसी के साथ ही उनका कहना है कि यह उनके लिए काफी लंबी लड़ाई रही है। तापसी का कहना है कि अब निर्भया का परिवार चैन की नींद सो पाएगा।   बॉलीवुड अभिनेत्री एक्ट्रेस सुष्मिता सेन ने ट्वीट कर पूरे संघर्ष के लिए निर्भया की मां आशा देवी की तारीफ की है। इसके साथ ही सुष्मिता ने इसे न्याय की जीत बताया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा ह्यमां के धैर्य और सहनशक्ति को इंसाफ मिल गया है। आखिरकार न्याय हुआ है। 

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  निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले के चार दोषियों को फांसी दिए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अभिनेता ऋषि कपूर ने लिखा ह्यनिर्भया को न्याय मिल गया है। इसके साथ ही उन्होंने लिखा जैसी करनी वैसी भरनी। अभिनेता ऋषि कपूर का कहना है कि इस फैसले को एक उदाहरण के तौर पर देखना चाहिए। आने वाले समय में बलात्कार के लिए मौत की सजाका प्रावधान करने की बात कही है।

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 निर्देशक मधुर भंडारकर ने भी ट्वीट करते हुए निर्भया गैंगरेप मामले में इसे न्याय करार दिया है। उन्होंने लिखा कि आखिरकार निर्भया को न्याय मिल गया है। मैं उसके माता-पिता की मानसिक शांति की प्रार्थना करता हूं।  एक ओर जहां सभी ने इस मामले में अपनी खुशी जाहिर की है। वहीं अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने निर्भया के दोषियों को हुई फांसी पर खुशी के साथ साथ अपना गुस्सा भी जाहिर किया है। उनका कहना है कि इस मामले में निर्भया के साथ न्याय काफी देर से किया गया है। उन्होंने ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा,  अगर निर्भया के दोषियों को 2012 में ही फांसी दे दी जाती तो महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों में कमी देखने को मिलती। कानून का डर लोगों के अंदर देखने को मिलता। अब समय आ गया है कि भारत सरकार इस दिशा में कुछ कड़े कदम उठाए।  बता दें कि आज सुबह साढ़े पांच बजे सभी चार दोषियों को फांसी के फंदे पर लटकाया गया था। इसके बाद 6 बजकर 20 मिनट पर दोषियों के शवों को फंदे से उतारा गया। इसके बाद जेल के डॉक्टरों ने शवों की जांच की और दोषियों को मृत घोषित किया था।

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