पशु चिकित्सकों की भर्ती में फंस रहा वेटेज अंकों का पेच

पटना। बिहार में पशु चिकित्सकों की बहाली में पुन: गतिरोध की स्थिति बन रही है। नियुक्ति के लिए विशेषज्ञता को वेटेज अंक देने के सवाल पर पेच लग रहा है। सूत्रों के मुताबिक वेटनरी डॉक्टरों की बहाली के लिए बन रही नियुक्ति नियमावली में पीजी के छात्रों को दिये जाने वाले इस वेटेज अंक के सवाल पर अंतर्विरोध है।  दरअसल, नियमावली पिछले कई माह से बन रही है और अब तक अधूरी है। अफसरों की लापरवाही से इस नियमावली को मुकम्मल नहीं बनाया जा सका है। नियमावली में वेटनरी डॉक्टरों की बहाली में पीजी के छात्रों को 10 वेटेज अंक दिये गए हैं, जबकि मेडिकल के मूल कोटि की बहाली में पीजी के छात्रों को 15 अंक दिये जाते हैं। इसी तरह काम का अनुभव रखने वालों को 20 अंक का वेटेज है। इधर, पीजी के छात्रों को महज पांच अंक देने की विभाग तैयारी कर रहा है। बहाली के लिए अभी प्राप्तांक अनुभव पर ही जोर दिया जा रहा है। पीजी के छात्रों ने इस मामले में पशुपालन विभाग के सचिव को ज्ञापन सौंपकर भी इस गतिरोध को खत्म करने का आग्रह किया है। छात्रों के अनुसार अगर पीजी के छात्रों को वेटेज के 10 अंक भी नहीं दिये गए तो भविष्य में लोग स्नातकोतर की पढ़ाई करने नहीं आएंगे और पीजी की सीटें रिक्त रह जाएंगी। अगर उच्च शिक्षा प्राप्त छात्रों को वेटनरी डॉक्टर नहीं बनाया जाएगा तो गंभीर जूनोटिक बीमारियों के इलाज में बाधा हो सकती है।

 काफी लड़के होंगे प्रभावित

 मालूम हो कि बिहार तकनीकी सेवा आयोग अभी वेटनरी डॉक्टरों की बहाली कुल प्राप्तांक और कायार्नुभव के आधार पर कर रहा है। नए नियम से काफी लड़के प्रभावित होंगे। राज्य में वर्ष 2014 के बाद अब तक नियमित पदों पर बहाली नहीं हो सकी है। अगले दो माह के अंदर सात सौ से अधिक स्वीकृत पदों पर वेटनरी डॉक्टरों की बहाली होने वाली है।

रिपोर्टर

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