नदी पर डायवर्सन का निर्माण कार्य तेजी से शुरू

सुपौल। बाजार क्षेत्र से सटे चिलौनी-कटार नदी के संगम पर 2008 में क्षतिग्रस्त पुल के बगल में क्षतिग्रस्त डायवर्सन के नए सिरे से निर्माण पर कुशहा मचहा पंचायत के ग्रामीणों में प्रसन्नता है। आरडब्ल्यूडी विभाग की ओर से मंगलवार को निर्माण कार्य शुरू किया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि होली से पहले ग्रामीणों ने डायवर्सन निर्माण की मांग को लेकर चार घंटे तक मचहा सड़क सहित डायवर्सन स्थल पर बने चचरी पुल के आवागमन को बाधित किया था। एसडीएम विनय कुमार सिंह ने डायवर्सन निर्माण का आश्वासन दिया। इसके आलोक में डायवर्सन निर्माण कार्य शुरू हो रहा है। ग्रामीण मिथिलेश कुमार, तारिणी यादव, पंसस विनोद कुमार ने बताया कि 2019 के सितंबर महीने में डायवर्सन टूटा था, जिसके कारण इस मार्ग पर आवागमन महीनों तक ठप रहा। बाद के दिनों में ग्रामीणों ने चंदा कर चचरी का निर्माण कर आवागमन को बहाल किया था। नदी पर पुल नहीं बनने से ग्रामीणों में आक्रोश: चिलौनी-कटार नदी पर अब तक पुल का निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि 2008 में आई प्रलयंकारी बाढ़ में चिलौनी-कटार नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। जनप्रतिनिधियों की अनदेखी और विभागीय उदासीनता के कारण नदी पर नए सिरे से पुल निर्माण नहीं किया गया है। इसके कारण 50 हजार से अधिक आबादी अभिशप्त जीवन जीने को विवश है। ग्रामीणों का आरोप है कि हर साल डायवर्सन बनता है और बरसात के समय टूटता है। मतलब साफ है कि इस नदी के डायवर्सन निर्माण के नाम पर लूट की बड़ी योजना चल रही है। ग्रामीणों ने बताया कि पुल नहीं रहने के कारण पंचायत वासियों को चार चक्का वाहन से अभी भी मधेपुरा जिले के झरकाहा या मुरलीगंज शाखा नहर से लगभग 4 से 6 किमी की दूरी तय कर अनुमंडल मुख्यालय आना पड़ता है। भेजी गई है चेकलिस्ट: उधर, ईई सुरेश प्रसाद सिंह ने कहा कि हम लोगों से चेक लिस्ट मांगा था, चेक लिस्ट भी भेज दी थी। चेक लिस्ट पर ही डीपीआर बनना था जो अभी लंबित है। विधायक वीणा भारती ने बताया कि पुल निर्माण को लेकर कई बार मंत्री से लेकर विभागीय अधिकारी तक अपनी बात रखी है। सांसद दिलेश्वर कामैत ने बताया कि उनके संज्ञान में पुल निर्माण को लेकर विभाग ने अपनी सहमति दे दी है।

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