पटना एयरपोर्ट पर भाजपा के 'शत्रु' अब नहीं रहे वीआईपी, ये है बड़ी वजह


अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा को पटना हवाई अड्डे पर वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं मिलेगी। इसके साथ ही वीआईपी के रूप में पटना हवाई अड्डे पर शत्रुघ्न सिन्हा को मिलने वाली सुरक्षा जांच से छूट भी अब खत्म हो गई। पटना के जयप्रकाश नारायण हवाई अड्डे के निदेशक राजेंद्र सिंह लाहौरिया ने कहा कि सिन्हा को अपना वाहन अंदर तक लाने के अलावा जांच से छूट प्राप्त थी।  उन्होंने  कहा कि सिन्हा को एक अवधि के लिए ये सुविधाएं प्राप्त थीं, जो इस साल जून में समाप्त हो गयी। उस अवधि को बढ़ाने के लिए कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ। बताते चलें सिन्हा लोकसभा में पटना साहिब सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं । वह पिछले कुछ समय से केंद्र की मोदी सरकार और वर्तमान भाजपा नेतृत्व की कड़ी आलोचना कर रहे हैं। ऐसी अटकलें है कि यदि भाजपा पटना साहिब से किसी अन्य उम्मीदवार को अगले साल लोकसभा चुनाव में उतारती है तो सिन्हा किसी अन्य दल के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। बता दें 1996 में वो पहली बार राज्यसभा से सांसद बने। साल 2002 में भी उन्हें राज्यसभा में एन्ट्री दी गई। तत्कालीन एनडीए सरकार में वो स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री भी बने। साल 2004 में उन्हें जहाजरानी मंत्रालय भी मिला। शत्रुघ्न की पार्टी से वफादारी पर ईनामों के सिलसिले कभी रुके नहीं। लेकिन उनके बागी तेवरों से पार्टी के भीतर स्टारडम धीरे धीरे घटने लगा। हाथ आए मौकों से अपनी अलग और मजबूत छवि बनाने में शत्रुघ्न नाकाम रहे क्योंकि वो बॉलीवुड के स्टारडम से बाहर निकल ही नहीं सके थे। अपनी किताब एनीथिंग बट खामोशके विमोचन के मौके पर शत्रु ने तो बीजेपी की अंतरात्मा को इस तरह से झकझोरा कि कांग्रेसियों के भी कान खड़े हो गए थे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तारीफ में कशीदे गढ़ते हुए कह डाला कि आज अगर इंदिरा ज़िंदा होतीं तो वो कांग्रेस में होते। उन्होंने कहा था कि वो इंदिरा गांधी के नैतिक मूल्यों को आज भी मानते हैं और उनसे बहुत प्रभावित थे

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