मायावती अपने बर्थडे पर दे सकती हैं अखिलेश को तोहफा, कांग्रेस से दूरी


यूपी की राजनीति में 15 जनवरी की तारीख एक नया अध्याय लिखने वाली है. जिसकी गूंज पूरे देश में सुनाई पड़ सकती है. नरेन्द्र मोदी का भविष्य भी इसी तारीख से तय होना है. खबर है कि इसी दिन समाजवादी पार्टी और बीएसपी के बीच गठबंधन का एलान हो सकता है.

लखनऊ: अब तक आपने मायावती और अखिलेश यादव के साथ-साथ की बहुत कम तस्वीरें देखी होगी. ये बात अलग है कि दोनों कई बार मिल चुके हैं. कभी गुपचुप तरीक़े से तो कभी सबको बता कर. कभी लखनऊ में तो कभी दिल्ली में हर बार ये मुलाक़ात मायावती के घर पर ही हुई है. बुआ और बबुआ की भेंट की बहुत कम तस्वीरें ही सामने आईं. लेकिन ये अब बस हफ़्ते भर की बात है. जल्द ही मायावती और अखिलेश यादव के साथ की तस्वीर दुनिया के सामने होगी. दोनों नेता हाथ हिलाते हुए, हाथ जोड़े हुए नजर आयेंगे. भारतीय राजनीति की ये फ़ोटो इतिहास रचने वाली है.

मायावती अपने बर्थ डे पर पंद्रह जनवरी को अखिलेश यादव से गठबंधन का एलान कर सकती हैं. खबर है कि उस दिन लखनऊ में दोनों नेता सीटों के फ़ार्मूले पर फ़ैसला कर लेंगे. पंद्रह जनवरी को ही अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव का जन्मदिन भी है. इस बार एसपी, बीएसपी और आरएलडी मिल कर लोकसभा का चुनाव लड़ेंगी.

यूपी की राजनीति में अहम होगी 15 जनवरी की तारीख
 


यूपी की राजनीति में 15 जनवरी की तारीख एक नया अध्याय लिखने वाली है. जिसकी गूंज पूरे देश में सुनाई पड़ सकती है. नरेन्द्र मोदी का भविष्य भी इसी तारीख से तय होना है. खबर है कि इसी दिन समाजवादी पार्टी और बीएसपी के बीच गठबंधन का एलान हो सकता है. आरएलडी को भी इस गठबंधन में शामिल किया गया है.


मायावती और
 डिंपल यादव दोनों का है जन्मदिन


बीएसपी सुप्रीमो मायावती का जन्म दिन 15 जनवरी को है. लखनऊ में इस बार बुआ मायावती को बबुआ अखिलेश यादव भी हैप्पी बर्थ डे टू यू कहेंगे. वैसे आपको बता दें कि उसी दिन डिंपल यादव का भी जन्मदिन है. मायावती के घर पर ही उनका भी बर्थ डे मानेगा. अखिलेश यादव और मायावती की कई मुलाक़ातें हो चुकी हैं. पिछले साल 14 मार्च को अखिलेश यादव पहली बार मायावती से मिलने उनके घर गए थे.



उप-चुनाव में
 बीजेपी पर भारी पड़ा था एसपी- बीएसपी  का साथ


फूलपुर और गोरखपुर के उपचुनाव में बीएसपी के समर्थन से एसपी ने बीजेपी को हरा दिया था. नतीजों के बाद अखिलेश फूलों का गुलदस्ता लेकर मायावती को शुक्रिया कहने गए थे. घंटे भर दोनों साथ रहे. अखिलेश का फ़ोटोग्राफ़र भी साथ गया था. लेकिन बुआ और बबुआ की कोई फ़ोटो नहीं आई. 15 जनवरी को पहली बार दोनों साथ साथ नज़र आयेंगे. ख़बर है कि समाजवादी पार्टी और बीएसपी के गठबंधन से कांग्रेस बाहर रहेगी. मायावती और अखिलेश को राहुल गांधी का साथ पसंद नहीं है. ये तय हुआ है कि रायबरेली और अमेठी में कांग्रेस के समर्थन में गठबंधन कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगी. रायबरेली से सोनिया और अमेठी से राहुल गांधी सांसद हैं. समाजवादी पार्टी तो पिछले दो आम चुनावों से इन सीटों पर

टिकट नहीं दे रही है.


बीएसपी 37, एसपी 37 और आरएलडी 4 सीटों पर लड़ सकती है
 चुनाव 

मायावती और अखिलेश यादव के बीच लोकसभा चुनाव को लेकर फ़ार्मूला लगभग तय हो चुका है. बीएसपी 37, एसपी 37 और आरएलडी 4 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है. अखिलेश यादव अपने कोटे से निषाद पार्टी और पीस पार्टी जैसे छोटे दलों को एडजस्ट करेंगे. वैसे आख़िरी वक़्त में सीटों के फ़ार्मूले में मामूली फेरबदल हो सकता है. पिछले चुनाव में बीएसपी अपना खाता तक नहीं खोल पाई थी. आरएलडी का भी यही हाल रहा. जबकि समाजवादी पार्टी को 5 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा था.

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