पीएम करेंगे उद्धव से 'मन की बात', गठबंधन में शामिल करने की कोशिश


मुंबई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिवसेना के साथ गठबंधन के मुद्दे पर पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से 'मन की बात' कर सकते हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मोदी 23 जनवरी की अपनी मुंबई यात्रा के दौरान उद्धव से मुलाकात कर सकते हैं, जिसमें गठबंधन के बारे में अहम फैसला लिया जा सकता है. ऐसा माना जा रहा है कि अब तक पार्टी अध्यक्ष अमित शाह व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस की पहल का कोई नतीजा नहीं निकलने के बाद मोदी ने कमान अपने हाथों में लेने का फैसला किया है. शिवसेना सूत्रों का भी कहना है कि उद्धव भी चाहते हैं कि इस बारे में पीएम मोदी से उनकी सीधी बात हो.

पुराने संबंधों का हवाला

जानकारों का मानना है कि मोदी इस बैठक में उद्धव को दोनों पार्टियों के पुराने संबंधों को हवाला देकर गठबंधन में शामिल करने का प्रयास करेंगे. दूसरी ओर उद्धव दवाब की राजनीति का इस्तेमाल कर विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी से ज्यादा सीटों की मांग कर सकते हैं. इसके अलावा शिवसेना को अगले विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियों के ढाई- ढाई साल के मुख्यमंत्री का भी ऑफर दिया जा सकता है.     

मोदी की चुनौतियां

बीजेपी के साथ गठबंधन के मुद्दे पर शिवसेना ने शुरू से कड़ा रुख अपना रखा है. उद्धव कई बार अकेले चुनाव लड़ने की धमकी दे चुके हैं. ऐसे में मोदी के सामने उद्धव को मनाने की सबसे बड़ी चुनौती होगी. शिवसेना का कहना है कि हमारे रास्ते अलग हैं. हम भले  बीजेपी की केंद्र व राज्य सरकार में शामिल हैं, लेकिन अब यह चंद दिनों का मामला है. शिवसेना की पूरी तैयारी अकेले चुनाव लड़ने की है. ऐसी चर्चा थी कि  कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान उद्धव को दिल्ली आने का न्योता दिया था, लेकिन वे नहीं पहुंचे. इसके बावजूद राज्य में कांग्रेस-राकां गठबंधन का सामना करने के लिए मोदी किसी भी कीमत पर शिवसेना को एनडीए में शामिल करने का प्रयास करेंगे.    

जुबानी जंग

बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह ने शिवसेना के रुख को देखते हुए राजनीति के मैदान में पटक देने की बात कही है. जिसके जवाब में शिवसेना के कैबिनेट मंत्री रामदास कदम ने कहा कि जो हमें पटकने की बात करेगा, हम उसे जमीन में गाड देंगे. 

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