प्रणब मुखर्जी, नानाजी देशमुख और भूपेन हजारिका को भारत रत्न


पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रसिद्ध संगीतकार-गायक भूपेन हजारिका और भारतीय जनसंघ के नेता एवं समाजसेवी नानाजी देशमुख को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न' प्रदान किया जाएगा. एक आधिकारिक बयान में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई है. 4 साल के अंतराल के बाद भारत रत्न पुरस्कार दिया जाएगा. वर्ष 2015 में नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक मदन मोहन मालवीय को इस सम्मान से नवाजा गया था. एक आधिकारिक बयान में सरकार ने कहा कि देशमुख और हजारिका को मरणोपरांत इस सम्मान के लिए चुना गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न दिये जाने की घोषणा पर खुशी जताते हुए कहा कि मुखर्जी ने अपने निस्वार्थ कार्यों से देश की विकास यात्रा में मजबूत छाप छोड़ी है. मोदी ने ट्विटर पर लिखा कि प्रणब दा हमारे समय के उत्कृष्ट राजनेता हैं. उन्होंने दशकों तक देश की निस्वार्थ और अथक सेवा की है और देश की विकास यात्रा पर मजबूत छाप छोड़ी है. उनकी बुद्धिमत्ता और मेधा के सानी बहुत कम लोग होंगे. प्रसन्नता है कि उन्हें भारत रत्न देने की घोषणा की गयी है. प्रधानमंत्री ने कहा कि हजारिका के गीत और संगीत को हर पीढ़ी के लोग पसंद करते हैं. उन्होंने ट्वीट किया कि उनसे न्याय, सौहार्द और भाइचारे का संदेश प्रसारित होता है. उन्होंने दुनियाभर में भारतीय संगीत परंपराओं को लोकप्रिय कराया. खुश हूं कि भूपेन दा को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा. मोदी ने कहा कि देश में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में देशमुख का उत्कृष्ट योगदान गांवों में रहने वाले लोगों को सशक्त करने का नया प्रतिमान दर्शाता है. उन्होंने कहा कि वह सही मायने में भारत रत्न हैं. 83 वर्षीय पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे. वह संप्रग प्रथम और द्वितीय सरकारों में महत्वपूर्ण पदों पर रहे. मुखर्जी 1982 में 47 वर्ष की उम्र में देश के सबसे कम उम्र के वित्त मंत्री बने थे. वर्ष 2004 से उन्होंने तीन महत्वपूर्ण मंत्रालयों विदेश मंत्रालय, रक्षा और वित्त मंत्रालय का कामकाज संभाला था. प्रणब दा' के नाम से मशहूर मुखर्जी 2012 से 2017 तक देश के राष्ट्रपति रहे थे. पिछले वर्ष नागपुर में आरएसएस के एक कार्यक्रम में शामिल होने पर मुखर्जी को कुछ लोगों से आलोचना का सामना करना पड़ा था. इस पुरस्कार के लिए चुने जाने पर आभार जताते हुए मुखर्जी ने कहा कि मुझे अपने महान देश के लोगों से उससे कही अधिक मिला है जितना मैंने उन्हें दिया है. मुखर्जी ने एक ट्वीट किया कि मैं भारत के लोगों के प्रति पूरी विनम्रता और कृतज्ञता की भावना के साथ इस महान सम्मान भारत रत्न को स्वीकार करता हूं. मैंने हमेशा कहा है और मैं दोहराता हूं कि मुझे अपने महान देश के लोगों से उससे कही अधिक मिला है जितना मैंने उन्हें दिया है. देशमुख 1928 से लेकर सतना, मध्य प्रदेश में 2010 में अपनी मृत्यु तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे थे. उनका निधन 94 वर्ष की आयु में हुआ था. उन्हें पूरे भारत में आरएसएस से प्रेरित स्कूलों की शुरूआत करने के लिए जाना जाता है. वह भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक थे जो बाद में भारतीय जनता पार्टी हो गयी. उन्हें वर्ष 1974 में आपातकाल के खिलाफ जयप्रकाश नारायण के आंदोलन के शिल्पकारों में से एक माना जाता था और 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनाने में वह प्रमुख व्यक्तियों में शामिल थे. वर्ष 1926 में जन्मे हजारिका असम के एक पार्श्व गायक, गीतकार, संगीतकार, गायक, कवि और फिल्म-निर्माता थे. उन्हें 1987 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, 1977 में पद्मश्री, 2001 में पद्मभूषण और 2012 में मरणोपरांत पद्म विभूषण पुरस्कार से नवाजा गया था. हजारिका को 1992 में दादा साहेब फाल्के पुरस्कार दिया गया था. हजारिका ने 1952 में कोलंबिया विश्वविद्यालय से पीएचडी की थी. उनका निधन 2011 में हुआ था. हजारिका ने राजनीति के क्षेत्र में भी हाथ आजमाये थे. उन्होंने 2004 में भाजपा के टिकट पर गुवाहाटी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था , हालांकि उन्हें जीत नहीं मिली थी. वह 1967-72 के दौरान असम में निर्दलीय विधायक भी रहे थे. इन तीन हस्तियों को यह सम्मान दिये जाने के साथ ही अब तक 48 लोगों को इस सम्मान से नवाजा जा चुका है. इस बीच हैदराबाद से प्राप्त खबर के अनुसार तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चन्द्रशेखर राव ने शुक्रवार को पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न के लिए चुने जाने का स्वागत किया और कहा कि वह पूरी तरह से इसके हकदार थे.

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