ऑटो रिक्शा चोर गिरफ्तार


मुंबई. घाटकोपर में ऑटो रिक्शा चोरी की बढ़ती वारदात ने रिक्शा मालिकों की नींद उड़ा रखी है. एक-एक पैसे जुटा कर गाढ़ी कमाई से रिक्शा खरीदने वाले काफी खौफजदा हैं. पिछले कुछ महीने में केवल घाटकोपर के असल्फा विलेज से 15 से 20 रिक्शा की चोरी हुई है. पुलिस ने लोगों की मदद से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. 5 से 6 संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. उसके पास से दो चोरी के रिक्शे बरामद हुए हैं. पुलिस को आरोपियों से पूछताछ में रिक्शा चुराने वाले बड़े रैकेट के पर्दाफाश होने की उम्मीद है.घाटकोपर (प.) के असल्फा विलेज में रहने वाले राजेश गुप्ता गुरुवार को दोपहर में अंधेरी में आटो रिक्शा चला रहे थे. इसी दौरान उनकी निगाह पास से गुजर रहे दूसरे रिक्शे पर पड़ी. उस रिक्शा का नंबर प्लेट देखकर राजेश की आंखे चमक उठी, वह अपने कस्टमर को छोड़ उस रिक्शे के पीछे लग गया. राजेश उसके पीछे तब तक लगा रहा, जब तक वह रिक्शा अंधेरी (प.) के जुहू गली में पार्क नहीं कर दिया गया. राजेश ने अपने पड़ोसी संतोष सिंह को फोन कर बताया कि उनका रिक्शा अंधेरी के जुहू गली में पार्क किया गया है. 20 दिसंबर 2018 को संतोष का रिक्शा चोरी हो गया था. उसके बाद से ही संतोष अपने रिक्शे की खोजबीन के लिए दर-दर भटक रहे थे. संतोष को रिक्शा ढूंढने से लेकर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाने में सामाजिक कार्यकर्ता सैयद अब्दूल सत्तार ने भरपूर मदद की. संतोष ने सत्तार को अपने साथ लेकर अंधेरी के जुहू गली गए और वहां से उस व्यक्ति को पकड़ा, जिसके पास रिक्शा था. सत्तार ने घाटकोपर पुलिस को इसकी सूचना दी. घाटकोपर पुलिस वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुधीर निगुडकर के मार्गदर्शन में पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और उसे हिरासत में लिया. उससे पूछताछ कर मालाड सहित विभिन्न ठिकानों से 5 से 6 आरोपियों को हिरासत में लिया गया. उनके पास से संतोष के रिक्शे के अलावा एक और रिक्शा बरामद किया गया है. पुलिस को इस पूरे रैकेट के मास्टर माइंड की तलाश है, जो रिक्शा चोरी कर उसे दूसरे व्यक्ति के ठेके पर चलाने के लिए देता था. संतोष के गाड़ी का नंबर नहीं बदला गया था, लेकिन अप्रैल 2018 में ही लिए गए रिक्शा की पूरा हुलिया ही बदल दिया गया था.

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