शातिर ठग रिषी ग्रोवर ने लूटा महिला एस्ट्रोलॉजर को, अब सलाखों में


एफआइआर दर्ज करने में बांगुर नगर पुलिस ने लगाए 12 घंटे                                                  

मुंबई। अंधेरी के लोखंडवाला में रहने वाले एक शातिर ठग ने एक नामी महिला एस्ट्रोलॉजर को कई लाख का चूना लगाया। इस मामले की एफआईआर दर्ज करने में पुलिस ने 12 घंटे का समय लगाया। गिनीज या लिम्का रिकार्ड बुक में  एफआईआर दर्ज करने में लगे समय का क्या रिकार्ड  है यह तो पता नहीं। पर गोरेगांव के बांगुर नगर पुलिस स्टेशन ने एफआईआर दर्ज करने में जो समय लगाया वह निश्चय ही आश्चर्य में डालने वाला है।



मसला केवल इतना है कि मालाड पश्चिम निवासी श्रीमती अमिता लोहिया एक नामी एस्ट्रोलाइजर हैं। उन्हें अपने काम के लिए एक सहायक की जरूरत महसूस हुई। उन्हें इंस्ट्राग्राम पर एक युवक मिला। इंटरव्यू हुआ और बातचीत में काफी स्मार्ट रिषी ग्रोवर नामक इस युवक को अमिता ने काम पर रख लिया। वह अमिता द्वारा बताए हुए कामों को बखूबी करने लगा। इस बीच अमिता लोहिया का एक्सीडेंट हो गया।


कमर में गंभीर चोटें आई। डाक्टरों ने उन्हें कंप्लीट बेडरेस्ट की सलाह दी। शातिर दिमाग रिषि ग्रोवर को तो शायद इसी अवसर की तलाश थी। अमिता अपना सारा कामकाज घर से करती थी। रिषी भी उनके घर से ही सारा कामकाज संभाल रहा था। यह मौका हाथ आते ही सबसे पहले रिषी ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए। चूंकि अब अमिता लोहिया का मोबाइल ज्यादातर रिषि के पास रहता। सो वह पेटीएम का उपयोग नाश्ता मंगाने, अपना मोबाइल रिचार्ज करने, अपने व अपनी मां  के पेटीएम पर पैसे ट्रांसफर करने लगा। उसने अमिता के कुछ पुराने और नए ग्राहकों से भी पैसे वसूल लिए। जिसकी जानकारी अमिता को नहीं दी। अमिता के पर्स से पैसे गायब होने लगे। परेशान अमिता ने उसकी गतिविधियाें पर नजर रखनी शुरू कर दी।  प्रमाणित होने पर उन्होंने ग्रोवर को काम पर न आने के लिए कह दिया। उसने पैर पकड़ कर काम से न निकालने की अनुनय की। इस पर दो बच्चों की मां अमिता का दिल पसीज गया और उन्होंने चेतावनी देकर उसे काम पर आने दिया। पर शातिर दिमाग रिषी की आदत जस की तस रही। कुछ दिन उसने ईमानदारी से काम किया, फिर एक दिन वह अमिता के कुछ जेवर व काफी कैश लेकर गायब हो गया।‌ अमिता लोहिया ने यह बात ग्रोवर की मां व कुछ सगे संबंधियों को बताई। पर कोई नतीजा नहीं निकला। थक हारकर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया। कभी वाटर कूलर, टेबल, कुर्सी व अन्य सामग्री बांगुर नगर पुलिस स्टेशन को दान करने वाली अमिता लोहिया पहली बार निजी काम से बांगुर नगर पुलिस स्टेशन पहुंचीं। आप बीती सुनाकर कंप्लेंट लेने का अनुरोध किया। ड्यूटी इंस्पेक्टर ने सीधे एफआइआर लेने की बजाय लिखित शिकायत देने को कहा। कानूनी ज्ञान से अनभिज्ञ अमिता लोहिया ने वहीं से एक कागज मांगा और लिखकर दे दिया। लगातार एक सप्ताह रोज पुलिस स्टेशन बुलाने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। तब अमिता ने अपने परिचितों से सलाह ली। लिखित शिकायत साइबर सेल में दी गई। बाद में एसीपी राजाराम मांडगे और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शोभा पिसे के निर्देश पर बांगुर नगर पुलिस स्टेशन में 27 सितंबर की सुबह 10.30 मामला एपीआई अनुराधा पाटिल ने अपने हाथ में लिया। एफआइआर लिखने आरंभ हुआ जो रात साढ़े दस बजे पूरा हुआ ।इस उबाऊ काम में अमिता लोहिया का कई बार धैर्य जवाब देता दिखाई दिया। देर रात रिषि ग्रोवर को आईपीसी 381, 509, 66 ( 5 ) के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। बांगुर नगर पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पता यह भी चला है कि रिषी ग्रोवर ने केवल अमिता लोहिया को ही नहीं ठगा, इससे पहले वह कम से कम 5 - 7 लड़कियों या महिलाओं को ठगी का शिकार बना चुका है। 

रिपोर्टर

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