बलूचिस्तान में पाकिस्तान की गुंडागर्दी, बलोच कार्यकर्ताओं को गायब करने पर महिलाओं का प्रदर्शन

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद भारत पर कश्मीर में मानवाधिकार हनन का झूठा आरोप लगा रहा पाकिस्तान खुद की गिरेबां में झांककर नहीं देखता। मानवाधिकार हनन पर अब खुद पाकिस्तान का चेहरा बेनकाब होने लगा है। बलूचिस्‍तानियों ने पाकिस्तान के इस रवैये के खिलाफ अपना आवाज बुलंद कर लिया। आए दिन वो पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन करते हैं और उसकी पोल खोलते हैं। इसी कड़ी में शनिवार को क्वेटा में बलूच की महिलाओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने यह प्रदर्शन बलूचिस्तान के लोगों को जबरन गायब होने को लेकर किया। जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान के खिलाफ लामबंद हुए बलूचिस्‍तानियों की पाकिस्तानी सरकार आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। इसी वजह से यहां के लोगों विशेषकर प्रदर्शनकारियों को जबरन गायब करा दिया जा रहा है। गायब हुए लोग कहां और किस हालत में रहते हैं इसकी जानकारी किसी को नहीं है। इसी को लेकर  क्वेटा में बलूच की महिलायों ने प्रदर्शन किया।

UNHRC और UNGA सत्र के दौरान प्रदर्शन 

बता दें कि, सितंबर में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNHRC) की बैठक के दौरान यूएन मुख्यालय के बाहर  बलूचिस्‍तान में पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे मानवाधिकार हनन को लेकर प्रदर्शन हुआ था। यही नहीं इसके बाद सितंबर में ही संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र (UNGA) के दौरान भी न्यूयॉर्क में इमरान खान के भाषण के दौरान प्रदर्शन किया था।    

बलूचिस्‍तानियों की जिंदगी भी कीमती है

इस दौरान विश्व बलूच संस्थान ने पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथ में बैनर था, जिसमें लिखा था कि बलूचिस्‍तानियों की जिंदगी भी कीमती है। यहीं नहीं उन्होंने इस दौरान मामले में यूएन से दखल देने के लिए गुहार लगाई। साथ ही उन्होंने लापता हुए लोगों को वापस लाने की मांग की गई। यह कैंपेन पूरे राज्य में चला।

पाक सेना कर रही अत्याचार

बलूचिस्‍तानियों की आवाज को पाकिस्तानी सेना ने हमेशा अपनी ताकत से कुचलने की कोशिश की है। जनरल परवेज मुशर्रफ के शासनकाल से बलोच  के लिए लड़ रहे लोगों को गायब होने का आरोप लगता रहा है। यही नहीं पाकिस्तानी सेना पर महिलाओं के साथ दुष्‍कर्म करने का भी आरोप लगता रहा है। पाकिस्तान से  आजादी की मांग कर रहे बलूच के लोग पहले भी यूएन के सामने पाकिस्तानी सेना की पोल खोल चुके हैं। वे लगातार पाकिस्तान से अलग होने में उनसे मदद की मांग करते हैं। 


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